हरितालिका तीज पर पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुबह 3 बजे से खोले गए चारों द्वार

काठमांडू, 14 सितंबर (हि.स.)। हरितालिका तीज पर्व के अवसर पर काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए महिला व्रती श्रद्धालुओं की सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

पशुपति क्षेत्र विकास कोष के अनुसार, हरितालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आज सुबह 3 बजे से ही पशुपतिनाथ मंदिर के चारों द्वार खोल दिए गए।

मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार अलग-अलग दर्शन मार्ग बनाए गए हैं। कोष के सदस्य सचिव तीर्थ श्रेष्ठ ने बताया कि पहले मार्ग के तहत मित्रपार्क–उमाकुंड–दक्षिणामूर्ति–कैलाश बद्रीनरसिंह भवन होते हुए वासुकीनाथ के उत्तर दिशा वाले द्वार से श्रद्धालुओं को मंदिर के उत्तर दिशा के रैंप तक ले जाया जा रहा है। यहां से भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कराने के बाद श्रद्धालुओं को पश्चिमी द्वार से बाहर निकाला जा रहा है।

दूसरे मार्ग में जयबागेश्वरी से बाईं ओर दथुटोल, पाचा गणेश, अन्नपूर्णा भंडार और महास्नानघर के सामने बने आकाशे पुल से भुवनेश्वरी और नासलचोक होते हुए शंकराचार्य मठ के सामने बने आकाशे पुल तक श्रद्धालुओं को ले जाया जा रहा है। वहां से पुलिस पहरा गण के छोटे द्वार और दो कतारों के जरिए पशुपति मंदिर के पश्चिमी हिस्से में बने लकड़ी के रैंप से दर्शन कराने के बाद पश्चिमी द्वार से बाहर निकाला जा रहा है।

इसी तरह तीसरे मार्ग की व्यवस्था सिनामंगल और एयरपोर्ट की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई है। उन्हें तिलगंगा पर्यटन काउंटर के पास स्थित द्वार, राम मंदिर और बागमती नदी के किनारे से आर्यघाट पुल होते हुए ब्रह्मनाल तक ले जाया जा रहा है। इसके बाद पूर्वी द्वार पर बनाए गए रैंप से भगवान पशुपतिनाथ के पूर्वी स्वरूप के दर्शन कराकर उसी द्वार से बाहर निकाला जा रहा है।

वहीं, पिंगलास्थान की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पिंगलास्थान स्थित द्वार से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। यहां से चार शिवालय और पंचदेवल वृद्धाश्रम के दक्षिण की ओर बने बड़े द्वार के सामने अस्थायी आकाशे पुल के जरिए छोटे द्वार से श्रद्धालुओं को चौँसट्ठी कोटीलिंगेश्वर होते हुए मंदिर के दक्षिणी स्वरूप के दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके बाद उन्मत्त भैरव मंदिर के पश्चिमी हिस्से और मूल भट्ट निवास के सामने से श्रद्धालुओं को बाहर निकाला जा रहा है।

कोष के मुताबिक, सुबह के समय श्रद्धालु बिना ज्यादा परेशानी के कतार में लगकर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर रहे हैं। करीब आधे घंटे तक कतार में रहने के बाद व्रती महिलाएं दर्शन करके वापस लौट पा रही हैं।

सुबह के समय बारिश के बावजूद महिला श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे कतार में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर रही हैं।

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