नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। भारतीय डाक सेवा (आईपीओएस) के 1988 बैच के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनय प्रकाश सिंह को लगातार दूसरी बार एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) का महासचिव चुना गया है।
संचार मंत्रालय के अनुसार थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित 14वें एपीपीयू सम्मेलन में उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। उनका यह पुनर्निर्वाचन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के नेतृत्व पर सदस्य देशों के अटूट विश्वास और अंतरराष्ट्रीय डाक कूटनीति में देश के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है। उनका दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होकर दिसंबर 2030 तक चलेगा।
डॉ. सिंह का पुनर्निर्वाचन ऐसे समय में हुआ है जब एपीपीयू एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डाक सहयोग को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बैंकॉक में मुख्यालय वाला यह संघ 32 सदस्य देशों का एक अंतर-सरकारी संगठन है और संयुक्त राष्ट्र की डाक क्षेत्र के लिए विशेष एजेंसी, यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) के क्षेत्रीय संघ के रूप में कार्य करता है। उनका दूसरा कार्यकाल क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने और डाक क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का और अवसर प्रदान करेगा।
डॉ. सिंह ने तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में केन्द्र सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है। इसमें डाक सेवा बोर्ड के सदस्य, डाक विभाग में वरिष्ठ उप महानिदेशक और मुख्य सतर्कता अधिकारी, उत्तर प्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और इंडिया पोस्ट मुख्यालय में मुख्य महाप्रबंधक शामिल हैं। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और सेना डाक सेवा कोर में भी कार्य किया है। एक शिक्षाविद के रूप में, उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. सिंह ने 2022 में 13वें एपीपीयू कांग्रेस में अपने पहले चुनाव के बाद जनवरी 2023 में पदभार संभालने के बाद से डॉ. सिंह ने डाक प्रशासनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और पूरे क्षेत्र में डाक सेवाओं के विकास और आधुनिकीकरण में योगदान दिया है।
