अगरतला, 29 अगस्त: शिक्षक पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग को लेकर 2024 के टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा के आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया। अगरतला के टाउन हॉल के सामने पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे करीब दो वर्षों से शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर त्रिपुरा टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड, शिक्षा विभाग और प्राथमिक शिक्षा विभाग के समक्ष कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं और आंदोलन कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी मांग पर अब तक कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं। इसके बावजूद टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति में इतनी देरी क्यों हो रही है, यह सवाल उन्होंने उठाया।
आंदोलनकारियों के अनुसार, हाल ही में आयोजित टेट परीक्षा में करीब 50 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। सत्यापन प्रक्रिया के बाद अब 1,856 अभ्यर्थी शेष हैं। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने के कारण कई अभ्यर्थियों के सरकारी नौकरी के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पार होने का खतरा भी बढ़ गया है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि करीब 20 से 25 उम्मीदवारों की उम्र पहले ही 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है। वहीं, कई अन्य अभ्यर्थियों की निर्धारित आयु सीमा पूरी होने में लगभग एक महीने का समय ही बचा है। ऐसे में नियुक्ति में और देरी होने पर उनके सरकारी नौकरी के अवसर से वंचित होने की आशंका है।
टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि वे परीक्षा के मानदंड या अंकों में किसी तरह की छूट की मांग नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि कठिन टेट परीक्षा और उसके बाद की सत्यापन प्रक्रिया में सफल उम्मीदवारों को जल्द से जल्द नियुक्त किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार करने के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। कई उम्मीदवार नौकरी की उम्मीद में अब तक निजी ट्यूशन के जरिए अपना जीवनयापन कर रहे थे, लेकिन वर्तमान में ट्यूशन का काम मिलना भी मुश्किल हो गया है।
मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य में शिक्षक संकट और बेरोजगारी को दूर करने के लिए 2024 के टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के साथ-साथ नियमित रूप से शिक्षक भर्ती करने की मांग की।
