संस्कृत दिवस पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का संदेश : कहा- “सिर्फ भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और दर्शन की समृद्ध विरासत है”

कोलकाता, 28 अगस्त (हि.स.)। संस्कृत दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृत भाषा की महत्ता को रेखांकित करते हुए विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने संस्कृत को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता, दर्शन और ज्ञान की समृद्ध विरासत बताया।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि वेद, उपनिषद, रामायण और महाभारत से लेकर गणित, ज्योतिष विज्ञान और चिकित्सा शास्त्र तक भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न क्षेत्रों में संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध वाक्य “यत्र विश्वं भवत्येकनीडम्” का उल्लेख करते हुए इसका अर्थ बताया कि जहां पूरा विश्व एक ही नीड़ यानी एक परिवार/आश्रय में परिवर्तित हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत के माध्यम से यह विचार आज भी गूंजता है।

शुभेंदु अधिकारी ने संस्कृत दिवस के अवसर पर नई पीढ़ी को इस प्राचीन भाषा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विशेष दिन पर सभी को इस प्राचीन, समृद्ध और ज्ञानपरक भाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।

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