मोबाइल की लत से फीका पड़ा राखी बाजार, बिक्री कम होने से कारोबारी निराश

अगरतला, 27 अगस्त: आज रक्षाबंधन का त्योहार है। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक इस पर्व को लेकर राजधानी अगरतला के बाजारों में छोटे, बड़े और मध्यम स्तर के कारोबारी विभिन्न प्रकार की राखियों की दुकानें सजाकर बैठे हैं। हालांकि, कारोबारियों के अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में इस बार राखियों की मांग काफी कम है।

कारोबारियों का कहना है कि हर साल रक्षाबंधन से पहले बाजारों में बच्चों और किशोरों की भीड़ देखने को मिलती थी, लेकिन इस वर्ष तस्वीर काफी बदल गई है। खासकर स्कूली छात्र-छात्राओं में राखी खरीदने को लेकर उत्साह कम हुआ है। कारोबारी इसके प्रमुख कारणों में बच्चों और किशोरों में मोबाइल फोन की बढ़ती लत को जिम्मेदार मान रहे हैं।

एक राखी विक्रेता ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने विभिन्न प्रकार की राखियां दुकान में सजाई हैं, लेकिन बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है। पहले आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं स्कूल जाते समय राखियां खरीदते थे। इस बार उनमें से कई मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं और राखी खरीदने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि, कुछ अभिभावक राखियां खरीदने के लिए जरूर पहुंच रहे हैं।

विक्रेता ने बताया कि उनकी दुकान में करीब 200 प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं और पिछले वर्ष की तुलना में कीमतों में भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। 10 रुपये वाली राखी 10 रुपये और 20 रुपये वाली राखी 20 रुपये में ही बेची जा रही है।

एक अन्य कारोबारी ने भी बिक्री में कमी की शिकायत करते हुए कहा कि इस बार काफी उम्मीद के साथ बड़ी मात्रा में राखियां मंगाई गई थीं, लेकिन कारोबार बेहद कमजोर रहा। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए राखियों का स्टॉक किया गया था। मगर मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बच्चों और युवाओं में राखी के प्रति रुचि कम होने से कारोबार को बड़ा झटका लगा है।

उनके अनुसार, कुछ अभिभावक राखियां खरीदने के लिए आ रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में ग्राहकों की संख्या काफी कम है। राखियों की कीमत भी सीमित रखी गई है, इसके बावजूद बिक्री में तेजी नहीं आ रही है। ऐसे में त्योहार के मौसम में राखी विक्रेताओं के बीच निराशा देखने को मिल रही है।

रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजारों में त्योहार का माहौल जरूर है, लेकिन कारोबारियों की मानें तो पिछले वर्षों की तुलना में इस बार राखी बाजार में वह पारंपरिक उत्साह और खरीदारी की रौनक काफी फीकी नजर आ रही है।

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