– साझेदार देशों के बीच संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता को बढ़ावा मिला
नई दिल्ली, 23 अगस्त (हि.स.)। भारतीय वायु सेना ने दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में अपनी भागीदारी पूरी की। ऑस्ट्रेलिया में ‘पिच ब्लैक’ और मलेशिया में ‘उदारा शक्ति’ अभ्यासों में वायु सेना ने परिचालन, बेहतर सामरिक तालमेल और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक रक्षा साझेदारियों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना (आरएएएफ) की मेजबानी में ‘पिच ब्लैक’ अभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना ने 20 से अधिक देशों की वायु सेनाओं के साथ संचालन के लिए अपने अग्रिम पंक्ति के राफेल लड़ाकू विमानों को तैनात किया। उच्च जोखिम वाले और बहु-क्षेत्रीय परिचालन वातावरण में जटिल लार्ज फोर्स एम्प्लॉयमेंट (एलएफई) मिशनों को अंजाम देते हुए इस अभ्यास ने साझेदार देशों के बीच बेहतर तालमेल, अनुभवों से सीखने और संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता को बढ़ावा दिया।
भारतीय वायु सेना की टुकड़ी ऑस्ट्रेलिया में अभियान पूरा करने के बाद सीधे ‘उदारा शक्ति’ अभ्यास के लिए मलेशिया के सुबांग पहुंची। भारत के वायु योद्धाओं ने रॉयल मलेशियाई वायु सेना (आरएमएएफ) के साथ मिलकर सुखोई-30 एमकेआई और एफ/ए-18 हॉर्नेट विमानों के साथ तथा उनके विरुद्ध उच्च-तीव्रता वाले हवाई युद्ध अभियानों एवं संयुक्त सामरिक युद्धाभ्यासों में हिस्सा लिया। इस द्विपक्षीय अभ्यास का मुख्य उद्देश्य हवाई युद्ध की रणनीति को बेहतर बनाना, विषय विशेषज्ञों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान करना और संयुक्त परिचालन क्षमता को अधिक प्रभावी बनाना था।
दोनों अभ्यासों के दौरान संयुक्त गतिविधियां केवल कॉकपिट तक सीमित नहीं रहीं बल्कि रखरखाव की प्रक्रियाओं, मिशन योजना से जुड़ी जानकारी के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक मेल-जोल तक विस्तारित हुईं। इससे दोनों देशों के विभिन्न रैंकों के सैन्यकर्मियों के बीच पेशेवर संबंध व आपसी भाईचारा और मजबूत हुआ। भारतीय वायु सेना वैश्विक रक्षा समुदाय के साथ लगातार संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने, आपसी तालमेल को बढ़ावा देने और सामूहिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
