कोलकाता, 3 अगस्त (आईएएनएस): तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के फरार निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका को सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने यह आदेश दिया।
पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज मामले में सुमित रॉय पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी इलाके में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया और उसकी बिक्री में शामिल रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद से वह फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, सुमित रॉय का विभिन्न ठिकानों पर पता नहीं चलने के बाद जांच एजेंसी ने पश्चिम मेदिनीपुर जिला अदालत का रुख किया, जहां उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। इसके बाद उनके वकील ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की।
इससे पहले सुमित रॉय के वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई और किसी अन्य पीठ के समक्ष सुनवाई कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की। सोमवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की नियमित पीठ ने सुनवाई के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि इसी वर्ष जून में पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी ने सुमित रॉय के खिलाफ ‘लुकआउट नोटिस’ जारी किया था। 13 जून की सुबह सालबनी थाना पुलिस केंद्रीय बलों के साथ दक्षिण कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास पर तलाशी के लिए पहुंची थी। जांचकर्ताओं का दावा था कि सुमित रॉय के मोबाइल फोन की आखिरी टावर लोकेशन इसी आवास के आसपास मिली थी। हालांकि, तलाशी के दौरान वह वहां नहीं मिला।
उसी दिन पुलिस ने हुगली जिले के श्रीरामपुर स्थित उसके ससुराल में भी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन वहां भी उसका कोई पता नहीं चला। मामले की जांच जारी है।
