नई दिल्ली ०४ अप्रैल : वर्ष 2022-23 में सकल प्रत्यक्ष कर के संग्रह में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में सकल प्रत्यक्ष कर 19 दशमलव छह आठ लाख करोड़ रहा। वित्त मंत्रालय से जारी अंतरिम आंकड़ों में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 16 दशमलव छह एक लाख करोड़ रहा, जबकि इसके पिछले वर्ष यह 14 दशमलव एक दो लाख करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 2022-23 में प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान से दो दशमलव चार एक प्रतिशत अधिक रहा। केंद्रीय बजट 2022-23 में प्रत्यक्ष कर से 14 दशमलव दो शून्य लाख करोड़ के राजस्व का अनुमान लगाया गया था, जिसे बाद में संशोधित कर साढ़े 16 लाख करोड़ किया गया।
मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2022-23 के लिए सकल निगमित कर संग्रह दस लाख चार हजार एक सौ 18 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे पिछले वर्ष यह आठ लाख 58 हजार आठ सौ उन्चास करोड़ रुपये था। इस प्रकार निगमित कर वसूली के राजस्य में 16 दशमलव नौ एक की वृद्धि हुई।
वर्ष 2022-23 में व्यक्तिगत आय कर से नौ लाख 60 हजार सात सौ 64 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ और इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 24 दशमलव दो तीन प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इस बीच वर्ष 2022-23 में तीन लाख सात हजार तीन सौ 52 करोड़ रुपये का वापस भुगतान किया गया। वर्ष 2021-22 की तुलना में यह 37 दशमलव चार दो प्रतिशत अधिक रहा।
