नई दिल्ली, 04 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुसरण में, छात्रों, विश्वविद्यालयों और संपूर्ण शिक्षा प्रणाली पर बोझ को कम करने के लिए शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) विभिन्न बोर्डों के छात्रों को समान अवसर प्रदान करते हुये एक ही स्तर पर मूल्यांकन करता है। छात्र एक आवेदन पत्र के साथ अपनी पसंद के अनुसार एक से अधिक विश्वविद्यालयों में आवेदन कर सकते हैं जिससे वित्तीय बोझ कम हो और पहुंच में वृद्धि हो।
उन्हें स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सैकड़ों परीक्षा केंद्रों पर 13 भाषाओं में परीक्षा में शामिल होना है। पाठ्यक्रम 12वीं कक्षा के विषय की समझ पर आधारित है। सीयूईटी केवल स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) कार्यक्रमों से संबंधित है।
