Chief Minister : राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने दी लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि

मुंबई, 06 फरवरी (हि.स.)। भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ,मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार , पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित तमाम नेताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने शोक संदेश में कहा कि भारतरत्न लता मंगेशकर के निधन की खबर देश के हर परिवार के लिए दुखद है। यह दिन अटल है, यह जानते हुए भी यह दिन न आए, ऐसा लग रहा था। लता मंगेशकर के सुरों से सजे गीत देश , भाषा व समय की सीमा को पार करते हुए सीधे अंतर आत्मा को झकझोर देने वाले हैं।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लता दीदी के जाने से एक स्वर युग का अंत हो गया। हमारा मातृतुल्य आशीर्वाद खो गया। स्वर कोकिला लता दीदी आज शरीर से नहीं रहीं,लेकिन उनके अमृत घोलने वाले स्वर अजर अमर हैं, वे स्वर हमारे बीच हमेशा रहेंगे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ठाकरे और मंगेशकर परिवार का पुराना स्नेह संबंध रहा है। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे का लता दीदी, हृदयनाथ मंगेशकर, आशादीदी के साथ बहुत ही नजदीदी संबंध रहा है। लता दीदी गायिका के साथ ही कुशल फोटोग्राफर भी थीं। उन्हें अच्छे कैमरों, लेंसेस की भी जानकारी थी। जब मैं अस्पताल में था, तो लता दीदी मेरे स्वास्थ्य की जानकारी ले रही थीं। लता दीदी के चले जाने से उनके परिवार पर ही नहीं देश के करोड़ों लोगों को दुख हुआ है।

उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने शोक संदेश में कहा कि करोड़ों चहेते लोगों के दिल पर राज करने वाली लता मंगेशकर भारत ही नहीं विश्व संगीत का अदभुत सपना बनी रहीं। उनके निधन से यह सपना आज टूट गया है। लता दीदी के जाने से महाराष्ट्र ही नहीं देश का हर नागरिक शोकाकुल है। अजीत पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की धरती पर बहुत से गायक, संगीतकार जन्मे, लेकिन पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी लता मंगेशकर ने भारतीय संगीत जगत में चमत्कार कर दिया। विश्व रत्न, भारत रत्न , महाराष्ट्र भूषण लता मंगेशकर महाराष्ट्र की बेटी थीं। उनके निधन से महाराष्ट्र की अपूरणीय क्षति हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शोक संदेश में कहा कि लता दीदी के निधन से देश की अपूरणीय क्षति हुई है। लता दीदी की स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के प्रति अपार श्रद्धा थी। उनकी राष्ट्रीय भावना से सब परिचित हैं। उन्होंने अपने सुरों से महाराष्ट्र, देश ही नहीं पूरे विश्व को नई प्रेरणा दी है। आज लता दीदी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत आगामी पीढ़ी को प्रेरणा देते रहेंगे।

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