नई दिल्ली, 02 फरवरी (हि.स.)। सहकारिता मंत्रालय इस वर्ष सहकारी (कोऑपरेटिव) संस्थाओं के लिए नई योजनाएं लेकर आएगा। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उक्त जानकारी दी है।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में देश के सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए केवल एक कृषि सहकारिता पर केन्द्रीय एकीकृत योजना चल रही है।
उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों के विकास के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के कार्यक्रमों को सहायता, सहकारी शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए सहायता और राष्ट्रीय सहकारी संघों को सहायता प्रदान की जा रही है।
शाह ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 से आगे की योजनाओं की शुरुआत किए जाने पर विचार है। मंत्रालय पहले ही अपने अधीन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) और सोसाइटी राष्ट्रीय सहकारिता प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी) के माध्यम से कार्य कर रहा है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में शाह ने बताया कि मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों सहित विभिन्न हितधारकों के परामर्श पर सरकार नई सहकारिता नीति तैयार रही है। प्रस्तावित नीति देशभर में सहकारी समितियों को बढ़ावा देने मजबूत करने और विकास के लिए केन्द्र व राज्यों की योजनाओं और कार्यों की रूपरेखा में काम करेगी।
नीति के लिए 10 मंत्रालयों, 6 राज्यों और 35 हितधारकों से सुझाव प्राप्त हुए हैं।
