Surrender : भाजपा विधायक नीतेश नारायण राणे ने किया कोर्ट में समर्पण, 4 फरवरी तक पुलिस कस्टडी

मुंबई, 02 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नीतेश नारायण राणे ने बुधवार को शिवसेना कार्यकर्ता संतोष परब हमला मामले में सिंधुदूर्ग जिले की कणकवली कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने पहले नीतेश राणे को न्यायिक कस्टडी में भेजने का आदेश जारी किया था, लेकिन पुलिस की मांग के बाद कोर्ट ने नीतेश राणे को 4 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

भाजपा के विधायक नीतेश राणे पर कणकवली पुलिस स्टेशन में 18 दिसंबर को शिवसेना कार्यकर्ता पर हुए जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए नीतेश राणे ने सिंधुदूर्ग जिला कोर्ट, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में एक के बाद एक तीनों जगह याचिका दाखिल की थी। सभी जगह नीतेश राणे की जमानत याचिका नामंजूर कर दी गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने नीतेश नारायण राणे को कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए 10 दिन का समय दिया था।

इसके बाद फिर से नीतेश राणे ने सिंधुदूर्ग जिला कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने मंगलवार को नामंजूर कर दिया था। मंगलवार को ही नीतेश राणे ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट से नीतेश राणे ने अपनी जमानत याचिका वापस लेकर कणकवली कोर्ट के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया। कणकवली कोर्ट ने नीतेश राणे को न्यायिक कस्टडी में भेजने का आदेश दिया लेकिन सरकारी वकील प्रदीप खरत ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में नीतेश राणे के निजी सहायक राकेश परब को गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में नीतेश राणे को राकेश परब व नीतेश राणे की आमने-सामने पूछताछ करना जरूरी है। इसके बाद कणकवली कोर्ट ने नीतेश राणे को 4 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। नीतेश राणे के वकील संग्राम देसाई ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस की जांच पूरी हो जाने के बाद वे फिर से जमानत याचिका दाखिल करेंगे।