अगरतला, 7 नवंबर: आगामी नगर निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हालांकि, प्रत्येक उम्मीदवार के घर तक सुरक्षाकर्मियों को भेजना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। शनिवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने यह स्पष्ट किया।
नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान उम्मीदवारों को कथित तौर पर बाधाओं का सामना करने और सुरक्षा में कमी संबंधी शिकायतों पर उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। विशेष रूप से रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के कार्यालयों के अंदर सुरक्षित माहौल बनाए रखने पर ध्यान दिया गया है।
राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार के घर तक सुरक्षा उपलब्ध कराना संभव नहीं है, क्योंकि पहले से यह पता लगाना संभव नहीं होता कि कौन नामांकन दाखिल करने आएगा। कोई भी व्यक्ति निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में या किसी राजनीतिक दल की ओर से नामांकन पत्र जमा कर सकता है। इसलिए प्रत्येक उम्मीदवार के आवास तक सुरक्षा व्यवस्था करना व्यावहारिक नहीं है। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में नामांकन दाखिल करने के लिए उचित और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
तेलियामुड़ा से जुड़ी एक विशेष शिकायत का जिक्र करते हुए डॉ. चक्रवर्ती ने बताया कि दो संभावित उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में प्रवेश करने से कथित तौर पर रोके जाने की शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने तत्काल पहल की थी। शिकायत की सत्यता की जांच के लिए तेलियामुड़ा नगर परिषद के रिटर्निंग ऑफिसर से सीधे संपर्क किया गया था।
रिटर्निंग ऑफिसर ने आयोग को बताया कि दोनों व्यक्ति नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए कार्यालय नहीं पहुंचे थे। पति-पत्नी दोनों कार्यालय आए जरूर थे, लेकिन वे कुछ जानकारियां हासिल करने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। उन्होंने नामांकन पत्र जमा करने के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष कोई अनुरोध भी नहीं किया था।
इसके अलावा, उन्हें जबरन रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष से बाहर निकाले जाने के आरोप को भी उन्होंने खारिज किया। उनके अनुसार, उक्त दंपति अपनी इच्छा से ही कमरे से बाहर चले गए थे।
राज्य चुनाव आयुक्त ने आगे कहा कि नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने और उम्मीदवारों को बिना किसी बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने का अवसर सुनिश्चित करने के लिए आयोग विभिन्न शिकायतों पर नजर रख रहा है। आवश्यकता के अनुसार उचित कदम भी उठाए जा रहे हैं।
