-उत्तर-पूर्वी मानसून और भूस्खलन की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन का फैसला-उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
तिरुवन्नामलाई, 06 नवंबर (हि.स.)। तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई स्थित प्रसिद्ध अरुणाचलेश्वर मंदिर में कार्तिक दीपम उत्सव के तहत 24 नवंबर को महादीपम प्रज्वलित किया जाएगा। इस अवसर पर 2,668 फीट ऊंची अरुणाचल पहाड़ी पर श्रद्धालुओं के चढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला प्रशासन ने उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने और पहाड़ी पर भूस्खलन तथा चट्टानों के खिसकने की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
जिला कलेक्टर वंदना गर्ग ने प्रतिबंध की जानकारी देते हुए बताया कि महादीपम के दिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी के संकरे और खड़े रास्तों पर भीड़भाड़ से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध का उल्लंघन कर पहाड़ी पर चढ़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर में 24 नवंबर को भरणी दीपम के बाद महादीपम प्रज्वलित किया जाएगा। इस दिन पहाड़ी की चोटी पर केवल मंदिर के उन कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों को जाने की अनुमति होगी, जिन्हें दीप प्रज्वलित करने के लिए बड़ी कड़ाही, घी और बाती ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आम श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी पर चढ़ने की अनुमति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासन के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण पहाड़ी के कुछ हिस्सों की मिट्टी ढीली हो गई है। इससे भूस्खलन और चट्टानों के खिसकने की आशंका बढ़ गई है। भूवैज्ञानिक एवं आपदा प्रबंधन समिति की जांच रिपोर्ट में भी इस संबंध में चेतावनी दी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
हालांकि, श्रद्धालुओं को पहाड़ी पर चढ़ने से रोकने के बावजूद 14 किलोमीटर लंबे गिरिवलम मार्ग पर परिक्रमा करने की अनुमति रहेगी। श्रद्धालु पहले की तरह पहाड़ी के चारों ओर स्थित इस मार्ग पर परिक्रमा कर सकेंगे। महादीपम के दर्शन को सुगम बनाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पहाड़ी की चोटी पर महादीपम प्रज्वलित करने जाने वाले मंदिर कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों की सुरक्षा के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा अग्निशमन विभाग के कर्मियों को तैनात किया जाएगा। ये टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के बावजूद घने जंगलों के रास्ते पहाड़ी पर चढ़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ वन संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें और मंदिर तथा जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी महादीपम उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के पहाड़ी पर चढ़ने पर प्रतिबंध लगाया गया था।
