उत्तर प्रदेश में सवा लाख करोड़ के विकास कार्य शुरू, तीन लाख करोड़ की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन : नितिन गडकरी

जौनपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में करीब सवा लाख करोड़ की लागत के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं, जबकि लगभग तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं विभिन्न प्रक्रियाओं में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। राज्य में उद्योगों की स्थापना हो रही है और कृषि क्षेत्र में भी प्रगति हो रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर स्थित सार्वजनिक इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम काे संबाेधित कर रहे थे। उन्होंने मंच से बटन दबाकर दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि तीन अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन किया।

नितिन गडकरी ने कहा कि अमेरिका की आर्थिक तरक्की के पीछे बेहतर सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि इनके निर्माण से उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश की सड़कों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना है। इसके लिए प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये के सड़क विकास कार्यों का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय मंत्री ने जौनपुर से मुंगराबादशाहपुर तक फोरलेन सड़क परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 1,400 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है। जून तक अवार्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फोरलेन मार्ग बनने से जौनपुर से मुंगराबादशाहपुर पहुंचने में लगने वाला करीब दो घंटे का समय घटकर 50 मिनट से एक घंटे तक रह जाएगा। इसके अलावा जौनपुर क्षेत्र की अन्य सड़क परियोजनाओं को भी जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।

नितिन गडकरी ने बताया कि करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक छह लेन एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इससे पूर्वांचल और बिहार के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी से अयोध्या और लखनऊ की कनेक्टिविटी मजबूत होने से यात्रियों का समय बचेगा। वहीं, वाराणसी से विंध्याचल पहुंचने में लगने वाला करीब साढ़े तीन घंटे का समय घटकर पौने दो घंटे रह जाएगा। इससे जौनपुर, भदोही, अंबेडकर नगर और सुल्तानपुर के श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचने में सुविधा होगी।

केंद्रीय मंत्री ने रायबरेली में 1,600 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड, कानपुर में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह लेन सड़क और बाराबंकी-बहराइच मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने अयोध्या, वाराणसी और सारनाथ को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की योजनाओं की जानकारी दी।

किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक ऊर्जा को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा कि टूटे चावल, गन्ने के रस और शीरे से एथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी महीने की 26 तारीख को टोयोटा की इनोवा का 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाला मॉडल लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजाज, टीवीएस और हीरो जैसी कंपनियां भी एथेनॉल आधारित ईंधन से चलने वाली मोटरसाइकिलें तैयार कर रही हैं। इससे किसानों को ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी सैटेलाइट के माध्यम से भी की जा रही है।

गडकरी ने कहा कि देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह जब भी विकास कार्यों को लेकर उनके पास आईं, उन्होंने राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर नियमानुसार कार्य कराने का प्रयास किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का आशीर्वाद मिलता रहा तो उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार और तेज होगी।

इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पहुंचने पर राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह, विभिन्न विधायक तथा जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बुके एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।

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