नई दिल्ली, 05 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब में पीसीएस की मुख्य परीक्षा के नतीजों पर सवाल उठाते हुए राज्य की आम आदमी पार्टी (आआपा) सरकार पर परीक्षा में धांधली और पेपर लीक माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाए की पंजाब पीसीएस की मुख्य परीक्षा के परिणामों में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनके रोल नंबर परीक्षा के लिए पंजीकृत ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के बाद लंबे अंतराल से आयोजित हुई इस परीक्षा के परिणामों को लेकर युवाओं और छात्रों में कई तरह की आशंकाएं हैं।
भंडारी ने आरोप लगाया कि आआपा सरकार के संरक्षण में पंजाब में पेपर लीक माफिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मामला केवल परीक्षा में गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब के युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। भाजपा ने परीक्षा केंद्रों से जुड़े आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। पार्टी के अनुसार सफल अभ्यर्थियों में करीब 24.2 प्रतिशत उम्मीदवार एक ही परीक्षा केंद्र से हैं, जबकि इसके पड़ोस के परीक्षा केंद्र से केवल 2 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हुए हैं। भाजपा ने कहा कि एक केंद्र से इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का चयन होना परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या इस पूरे मामले में आआपा के नेताओं की कोई भूमिका है? पार्टी ने पंजाब सरकार से परीक्षा में अनियमितताओं पर जवाब देने और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। भाजपा के मुताबिक पंजाब के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है और परीक्षा में शामिल हुए सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष चयन प्रक्रिया का भरोसा मिलना चाहिए।
