धर्मनगर, 4 नवंबर: सरकारी पहल पर आयोजित एक कार्यक्रम में परोसी गई बिरयानी खाने से कम से कम 10 लोग बीमार पड़ गए। बीमार होने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार को दशदा टाउन हॉल में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बिरयानी खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में सभी को कंचनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दशदा टाउन हॉल में क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की वार्षिक आम बैठक आयोजित की गई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उपस्थित प्रतिभागियों के बीच भोजन वितरित किया गया। देर शाम भोजन परोसे जाने के कारण कई लोग बिरयानी अपने घर भी ले गए थे।
आरोप है कि भोजन करने के दो से तीन घंटे के भीतर ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें लगातार उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। रात बढ़ने के साथ उनकी हालत और खराब होती गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा।
एक पीड़ित महिला ने बताया कि बैठक में शामिल होने के समय वह पूरी तरह स्वस्थ थीं। लेकिन बिरयानी खाने के बाद उन्हें बार-बार उल्टी और दस्त होने लगे। उनके मुताबिक, उन्हें 10 से 12 बार उल्टी हुई और एक समय वह लगभग बेहोशी की हालत में पहुंच गई थीं। घर में दो छोटे बच्चे होने के कारण वह रात में अस्पताल नहीं जा सकीं। अगले दिन सुबह उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया है कि उनका एक बच्चा भी उल्टी और बुखार से पीड़ित है।
अन्य पीड़ितों ने भी भोजन की गुणवत्ता और उसकी तैयारी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि काफी देर से भोजन परोसा गया था। इसके अलावा, विभिन्न समूहों के बीच भोजन वितरण की मात्रा में भी भेदभाव किया गया।
इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है। उन्होंने भोजन दूषित होने या उसे सही तरीके से तैयार नहीं किए जाने की आशंका जताते हुए मामले की उचित जांच की मांग की है।
प्रारंभिक तौर पर इसे खाद्य विषाक्तता का मामला माना जा रहा है। हालांकि, इतने लोगों के बीमार पड़ने के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति और प्रशासनिक जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
