नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए नशे के खिलाफ लड़ाई को सामाजिक आंदोलन बनाने का मुख्यमंत्री का आह्वान

अगरतला, 31 अक्टूबर: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सामाजिक आंदोलन में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नशे के खतरनाक प्रभाव से बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन, परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के सभी वर्गों से सामूहिक रूप से आगे आने की अपील की।

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को पूरे त्रिपुरा में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अगरतला के एडी नगर पुलिस लाइंस में त्रिपुरा पुलिस की ओर से आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा वर्तमान समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है। विशेष रूप से युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए केवल पुलिस या प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और रोकथाम के प्रयासों को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से त्रिपुरा पुलिस की पहल पर ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ संदेश के साथ एक विशेष मोटरसाइकिल रैली आयोजित की गई है। पूर्वोत्तर के छह राज्यों की पुलिस के समन्वय से निकाली गई यह रैली विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंच चुकी है। रैली में शामिल सदस्य 31 अक्टूबर को वहां आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और देश की अखंडता की रक्षा करने की शपथ ली। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव जे. के. सिन्हा, पुलिस महानिदेशक जी. एस. राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को सुरक्षित रखने और राष्ट्रीय एकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

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