नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी कब्जे का दावा करने वाले फेक वीडियो साझा करने को लेकर कांग्रेस से माफी मांगने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के खिलाफ दुश्मन के दुष्प्रचार का खुलेआम समर्थन कर रही है और इसके लिए वह देश से माफी भी नहीं मांग रही है।
रिजिजू ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि क्या कांग्रेस में इतनी हिम्मत है कि वह देश के खिलाफ दुश्मन के दुष्प्रचार का खुलेआम समर्थन करे और फिर देश से माफी भी न मांगे? इससे पहले सोमवार को भी उन्होंने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा था कि पार्टी ने फेक एआई वीडियो साझा कर भारतीय सेना की छवि खराब करने की कोशिश की है। उन्होंने इसे विश्वासघाती काम बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत के दुश्मनों का अभियान चला रही है।
बिहार कांग्रेस की प्रवक्ता रितू चौधरी ने एक पोस्ट में दावा किया था कि चीनी वाहन भारतीय सीमा में घुस आए हैं। एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया है और सेना को जरूरी सामान की आपूर्ति भी रोकी जा रही है।
भारतीय सेना ने पहले वीडियो का तथ्य-जांच करते हुए बताया कि यह सिक्किम के नाथू ला दर्रे का है, जो भारत-चीन सीमा पर व्यापार का केंद्र है। वीडियो में दिख रहे चीनी व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को सैन्य घुसपैठ के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
दूसरे वीडियो में लेफ्टिनेंट गिरीश कालिया को यह कहते हुए दिखाया गया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा कर लिया है। सेना ने इसे डीपफेक वीडियो बताया। सेना के अनुसार, असली वीडियो 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश से संबंधित प्रेस वार्ता का था। उस वार्ता में कालिया ने चीन या अरुणाचल प्रदेश के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी।
