अगरतला, 27 अक्टूबर: दक्षिण त्रिपुरा जिले के शांतिरबाजार उपमंडल के अंतर्गत जलाईबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के बामछड़ा इलाके में बंदरों के उत्पात से किसान परेशान हैं। बंदरों के कारण किसानों को अपनी मेहनत से उगाई गई धान की फसल सुरक्षित घर लाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि लंबे समय से इस समस्या से जूझने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
जलाईबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बामछड़ा इलाके में बंदरों का उत्पात किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, धान की खेती के दौरान खेतों में बंदरों का उपद्रव बढ़ जाता है। धान की बालियां निकलने से लेकर फसल पकने तक बंदर खेतों में उत्पात मचाते रहते हैं। इसके कारण अच्छी पैदावार होने के बावजूद किसान अपनी पूरी फसल घर नहीं ले जा पा रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
किसानों का आरोप है कि इस समस्या से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में उन्होंने बगाफा वन विभाग के अधिकारियों से बंदरों के उत्पात पर नियंत्रण के लिए विशेष उपाय करने की मांग की है।
किसानों को आशंका है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में बंदरों के आतंक से परेशान होकर कई किसान खेती छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इससे न केवल किसानों की आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादन घटने से दूसरे राज्यों से आने वाले कृषि उत्पादों पर निर्भरता बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में लोगों को बाहर से आने वाली कृषि उपज अधिक कीमत पर खरीदनी पड़ सकती है।
इसलिए किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए बामछड़ा के किसानों ने बगाफा वन विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
