आर्थिक संकट का असर, कठालिया में लक्ष्मी प्रतिमाओं की मांग को लेकर अनिश्चितता

कठालिया, 22 अक्टूबर: विजयादशमी के एक दिन बाद ही कठालिया के व्यावसायिक क्षेत्र में धन की देवी मां लक्ष्मी की विभिन्न आकारों की प्रतिमाएं बिक्री के लिए पहुंच गई हैं। आगामी रविवार को लक्ष्मी पूजा है। हालांकि, बाजार में अभी तक खरीदारों की विशेष भीड़ देखने को नहीं मिल रही है। ऐसे में इस बार प्रतिमाओं की मांग कितनी रहेगी, इसे लेकर विक्रेताओं में अनिश्चितता बनी हुई है।

दुर्गापूजा की रौनक खत्म होते ही घर-घर में लक्ष्मी पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों को इस बार दुर्गापूजा के दौरान चंदा देने से लेकर पूजा की आवश्यक सामग्री खरीदने तक में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब लक्ष्मी पूजा का आयोजन किस तरह किया जाए, इसे लेकर भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई परिवार चिंतित हैं। ऐसे में आर्थिक संकट का असर लक्ष्मी प्रतिमाओं के बाजार पर कितना पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

इधर, कठालिया के व्यावसायिक क्षेत्र में लक्ष्मी प्रतिमाएं बेचने के लिए बीरामपुर के समीर पाल और उत्तर महेशपुर के मानिक पाल पहुंचे हैं। हालांकि, दोनों पेशे से मूर्तिकार नहीं हैं। उन्होंने व्यवसाय के उद्देश्य से मेलाघर से विभिन्न आकारों और डिजाइनों की लक्ष्मी प्रतिमाएं खरीदकर बिक्री के लिए लाई हैं।

विक्रेताओं को उम्मीद है कि पूजा से पहले अंतिम दो से तीन दिनों में प्रतिमाएं खरीदने के लिए ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि हर साल कठालिया के व्यावसायिक क्षेत्र में विभिन्न आकारों और डिजाइनों की हजारों लक्ष्मी प्रतिमाओं की बिक्री होती है। हालांकि, इस वर्ष आर्थिक परिस्थितियों का बाजार पर कितना प्रभाव पड़ेगा, इसका आकलन करना अभी मुश्किल है।

फिलहाल, लक्ष्मी पूजा से पहले कठालिया के बाजार में प्रतिमाओं की मांग बढ़ने का इंतजार विक्रेता कर रहे हैं।

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