परंपरा के अनुसार दुर्गाबाड़ी में महासप्तमी की पूजा, उमड़े श्रद्धालु

अगरतला, 17 अक्टूबर: महासप्तमी की पूजा के साथ ही पूरे त्रिपुरा में दुर्गोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। परंपरा और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए राजधानी अगरतला के ऐतिहासिक दुर्गाबाड़ी में महासप्तमी की पूजा संपन्न हुई। इस अवसर पर मां दुर्गा की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दुर्गाबाड़ी परिसर में भक्तों के बीच विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली।

गौरतलब है कि दुर्गापूजा की शुरुआत से ही राजधानी अगरतला में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शाम होते ही विभिन्न पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों का पहुंचना शुरू हो जाता है। महापंचमी के दिन से ही कई पूजा पंडाल आम लोगों के लिए खोल दिए गए थे। इसके बाद से ही प्रतिमाओं के दर्शन और आकर्षक रोशनी का आनंद लेने के लिए सड़कों पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। एक ओर पूजा पंडालों का उद्घाटन और धार्मिक अनुष्ठान, तो दूसरी ओर भव्य सजावट और आकर्षक प्रतिमाएं, इन सबके बीच पूरी राजधानी उत्सव के रंग में रंग गई है।

दुर्गाबाड़ी की पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे त्रिपुरा की परंपरा और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जाता है। हर वर्ष इस पूजा में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। इस ऐतिहासिक पूजा में भाग लेने को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा जाता है।

इस वर्ष तिथियों की विशेष गणना के कारण 17 अक्टूबर, शनिवार और 18 अक्टूबर, रविवार, दोनों दिनों में महासप्तमी से जुड़े पूजा-अनुष्ठान किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर दुर्गाबाड़ी में पूजा को लेकर भक्ति, परंपरा और उत्सव का अनूठा माहौल बना हुआ है।

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