महाराष्ट्र के पुणे में वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रहने वाली युगांडा की तीन महिलाएं गिरफ्तार

मुंबई, 15 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे जिले में वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद रहने वाली युगांडा की तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की स्पेशल ब्रांच के विदेशी पंजीकरण कार्यालय ने तीनों को भारत से युगांडा वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी छानबीन पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस कर रही है।

इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि उनकी टीम को वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद कुछ विदेशी नागरिकों के हिंजवडी के मारुंजी इलाके में रहने की जानकारी मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने छापा मार कर युगांडा मूल की नागरिक तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया। तीनों विदेशी महिलाओं की पहचान डोरेक अहैस्बिवे, प्रोसी अंकुंडा और अमीना कटुसीमे के रूप में हुई है। जांच के दौरान तीनों ने पासपोर्ट और वीजा के मूल दस्तावेजों के बजाय उनकी फोटोकॉपी पेश की।

इसके बाद पुलिस ने इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग प्रणाली के जरिए उनके दस्तावेजों की जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि तीनों महिलाएं युगांडा की नागरिक हैं और उनके वीजा की वैधता समाप्त हो चुकी है। इनमें से डोरेक अहैस्बिवे स्टूडेंट वीजा पर भारत में रह रही थीं, जिसकी वैधता 7 अक्टूबर 2026 तक थी। वहीं, प्रोसी अंकुंडा का मेडिकल वीजा 29 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था, जबकि अमीना कटुसीमे के मेडिकल वीजा की अवधि 11 नवंबर 2025 को खत्म हो गई थी। इसके बावजूद तीनों महिलाओं ने अपने वीजा की अवधि नहीं बढ़वाई थी। फिलहाल,

पिंपरी-चिंचवड़ के विदेशी पंजीकरण कार्यालय के माध्यम से तीनों महिलाओं को भारत से वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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