दुर्गा पूजा चंदे के नाम पर चालक से मारपीट, 11 हजार रुपये छीनने का आरोप

अगरतला, 14 अक्टूबर: पुलिस प्रशासन की सख्त चेतावनी के बावजूद दुर्गा पूजा के चंदे के नाम पर जबरन वसूली का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार सेकरकोर्ट स्थित दारोगाबाड़ी चेतना संघ क्लब की पूजा समिति के सदस्यों पर एक वाहन चालक के साथ मारपीट कर 11 हजार रुपये छीनने का गंभीर आरोप लगा है। बुधवार सुबह हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई।

आरोप के अनुसार, एडी नगर के गजरिया निवासी चंदन दास बुधवार सुबह अगरतला-सबरूम सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान सेकरकोर्ट स्थित दारोगाबाड़ी चेतना संघ क्लब की पूजा समिति के कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी रोककर दुर्गा पूजा के चंदे के रूप में 10 हजार रुपये की मांग की। इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने पर युवकों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। चालक का दावा है कि इस दौरान उनके पास मौजूद 11 हजार रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिए गए।

चंदन दास के आरोप के मुताबिक, बाद में उनकी गाड़ी और मोबाइल फोन लौटा दिए गए, लेकिन 11 हजार रुपये वापस नहीं किए गए। घटना में घायल होने के बाद उन्होंने हापनिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाकर प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद अमतली थाने पहुंचकर चेतना संघ क्लब की पूजा समिति के सदस्यों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि दुर्गा पूजा के चंदे की वसूली को लेकर राज्य के विभिन्न इलाकों में वाहन चालकों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और पैसे छीनने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने के बावजूद एक बार फिर इस तरह के आरोप सामने आने से सवाल उठने लगे हैं।

बुधवार सुबह की घटना की खबर फैलने के बाद अगरतला-सबरूम सड़क पर नियमित रूप से आवाजाही करने वाले वाहन चालकों में भी भय का माहौल होने का दावा किया जा रहा है। पीड़ित चंदन दास सहित अन्य वाहन चालकों ने पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही संबंधित चेतना संघ क्लब की इस वर्ष की दुर्गा पूजा रद्द करने की भी मांग उठाई है।

हालांकि, इन आरोपों पर चेतना संघ क्लब की पूजा समिति का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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