सऊदी अरब का यमन में बड़ा हमला, हूती विद्रोहियों के फ्यूल डिपो को बनाया निशाना

रियाद, 14 अक्टूबर (हि.स.)। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी अरब ने मंगलवार को उत्तरी यमन में हूती विद्रोहियों के कथित इस्तेमाल वाले एक प्रमुख फ्यूल डिपो पर हमला किया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, इस ठिकाने का इस्तेमाल सऊदी अरब के हवाई अड्डों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने वाले अभियानों के लिए किया जा रहा था।

यह हमला ऐसे समय हुआ, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब की राजधानी रियाद और दक्षिणी क्षेत्रों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ रहा था। दोनों पक्षों के बीच ताजा संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उसकी सेना ने उत्तरी यमन स्थित अल-सबाहा सेंट्रल स्टेशन को निशाना बनाया। इसे हूती-नियंत्रित क्षेत्र के प्रमुख ईंधन वितरण केंद्रों में से एक बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस स्टेशन की भंडारण क्षमता लगभग 58,000 मीट्रिक टन है।

गठबंधन का दावा है कि हूती विद्रोही इस सुविधा का इस्तेमाल सैन्य अभियानों में सहायता के लिए कर रहे थे। इन अभियानों में सऊदी अरब के भीतर स्थित ठिकानों और लाल सागर के समुद्री मार्गों को निशाना बनाना शामिल था।

हालांकि, हूती-नियंत्रित यमन ऑयल कंपनी ने इससे पहले कहा था कि इस केंद्र में पेट्रोलियम उत्पादों का कोई भंडार मौजूद नहीं था। कंपनी के मुताबिक, हमले से ईंधन के भंडार या आपूर्ति पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं थी।

हूती पक्ष के अनुसार, सऊदी हमले में दो आम नागरिकों की मौत हुई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि कार्रवाई से पहले नागरिकों को प्रभावित क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी गई थी।

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य उन क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनका इस्तेमाल हूती विद्रोही सऊदी अरब, यमन, दक्षिणी लाल सागर और समुद्री मार्गों के लिए खतरा पैदा करने में करते हैं। हालांकि, हमले में हुए नुकसान और नागरिकों के हताहत होने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फ्यूल डिपो पर हमले के कुछ घंटे बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने रियाद क्षेत्र और दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागी गई तीन क्रूज मिसाइलों और दो ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, अवरोधन के बाद गिरे मलबे की वजह से कम से कम चार लोग घायल हुए। इन घटनाओं ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरी क्षेत्रों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इस बीच, सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के शहर दहरान में सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की एक प्रशासनिक इमारत को भी निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई। इस घटना के बाद इमारत में मामूली आग लग गई।

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास हुई इन घटनाओं ने क्षेत्र में तेल आपूर्ति और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।

ताजा हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा, यमन में नागरिकों की स्थिति और लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर संभावित असर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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