नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर एक के बाद एक आरोप लगाए, लेकिन आयोग ने उनके दावों की सच्चाई जनता के सामने रख दी।
मौर्य ने कहा कि राहुल का पहला दावा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले फैसले लेते हैं। इसके जवाब में उन्होंने चुनाव आयोग के रुख का हवाला देते हुए कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने स्पष्ट किया है कि आयोग में फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी के दूसरे दावे पर भी सवाल उठाया। मौर्य के मुताबिक, राहुल गांधी दिनभर यह कहते रहे कि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस या विपक्षी गठबंधन की ओर से मुलाकात के लिए कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ।
अमरपाल मौर्य ने तीसरे दावे का जिक्र करते हुए कहा कि शाम करीब चार बजे डीसीपी के माध्यम से चुनाव आयोग को राहुल गांधी के मिलने की इच्छा के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत आयोग प्रतिनिधियों के माध्यम से मुलाकात के लिए तुरंत तैयार था, लेकिन राहुल गांधी इस प्रक्रिया के तहत मिलने के लिए तैयार नहीं हुए।
मौर्य ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग की ओर से तथ्यों को स्पष्ट किया जा चुका है, तो अब राहुल गांधी और कांग्रेस किस नए दावे के साथ सामने आएंगे। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि तथ्यों के सामने आने के बाद कांग्रेस को जनता को जवाब देना चाहिए।
