नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)। आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के अहम खिलाड़ियों में शामिल अभिषेक शर्मा नए घरेलू सत्र में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के साथ एक और खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरने को तैयार हैं।
जियोस्टार के कार्यक्रम ‘फॉलो द ब्लूज़: जेन-नेक्स्ट अभिषेक’ में अभिषेक ने एक टूर्नामेंट से दूसरे टूर्नामेंट तक जीत की लय बनाए रखने, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ बातचीत और अपने स्वाभाविक खेल को खेलने के लिए टीम प्रबंधन से मिले समर्थन पर विस्तार से बात की।
अभिषेक ने आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप की जीत के बाद अगले विश्व कप में भी उसी सफलता को दोहराने और जीत की लय बरकरार रखने को लेकर कहा, “क्रिकेट में जब मैं आया था, तो 24 साल का था, अब मैं 26 साल का हूं। एक युवा क्रिकेटर के रूप में आप खुद से कहते हैं कि अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है, यह सिर्फ शुरुआत है। मुझे लगता है कि अभी भी आसान है, लेकिन उस चीज को आदत बनाना और बार-बार उसे दोहराना, प्रक्रिया को एक जैसा बनाए रखना, एक खिलाड़ी के रूप में आसान नहीं है। अगर टीम का माहौल ऐसा हो कि हर कोई एक-दूसरे के लिए प्रदर्शन करना चाहता हो, भारत को जीत दिलाना चाहता हो, दबदबा बनाना चाहता हो, तो मुझे लगता है कि यह एक आदत बन जाती है और निश्चित रूप से इससे मदद मिलती है।”
युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ अपनी बातचीत और उन्हें सहज महसूस कराने को लेकर अभिषेक ने कहा, “वह बहुत समझदार खिलाड़ी हैं। वह वैसे नहीं हैं जैसे हम 15 साल की उम्र में हुआ करते थे या कोई और होता है, क्योंकि वह पहले ही दो-तीन साल से उस क्रिकेट सेटअप का हिस्सा हैं। इसलिए उन्हें पता है कि क्या, कहां और कितना अभ्यास करना है। मुझे लगता है कि धीरे-धीरे अनुभव के साथ वह इन चीजों को और सीखेंगे। टीम में हम एक-दूसरे के साथ, सभी साथी खिलाड़ी चर्चा करते हैं कि हम उन्हें कैसे अधिक सहज महसूस करा सकते हैं। क्योंकि हम सभी जानते हैं कि उन्होंने क्या हासिल किया है और वह यहां के हकदार हैं। इसलिए मुझे भी लगता है कि यह मेरा कर्तव्य है कि मैं उन्हें महसूस कराऊं कि हम सभी, उनके बड़े भाई, उनके लिए यहां हैं। उन्हें बस आनंद लेना है और जब भी मौका मिले, अपना सर्वश्रेष्ठ देना है और मैच जीतना है।”
अपने खेलने के तरीके और टीम प्रबंधन से मिले समर्थन पर अभिषेक ने कहा, “जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने सोचा था कि मुझे इस तरह खेलना है कि मैं अपनी टीम के लिए प्रभावशाली पारियां खेल सकूं। इसकी शुरुआत घरेलू क्रिकेट में मेरी पंजाब टीम से हुई और हमने 2024 में घरेलू टी-20 प्रतियोगिता जीती। वहीं से मुझे लगता है कि एक सोच विकसित हुई कि मुझे उपलब्धियों के पीछे नहीं भागना है, क्योंकि वह आपके हाथ में नहीं है। आपके हाथ में यह है कि आप कितना प्रभाव डाल सकते हैं। मैं इसी तरह खेलना चाहता हूं, चाहे हम किसी भी विपक्षी टीम के खिलाफ खेल रहे हों। एक खिलाड़ी के रूप में मेरे अंदर कभी यह इच्छा नहीं रही कि मुझे यह हासिल करना है या वह हासिल करना है। मेरा सिर्फ एक लक्ष्य था कि मुझे ट्रॉफियां जीतनी हैं। मुझे लगता है कि इसके लिए टीम, प्रबंधन, कोच और कप्तान से बहुत समर्थन चाहिए, क्योंकि वे जानते हैं कि आप कैसे खेलते हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने मेरी काफी मदद की है, पूरी टीम ने, सिर्फ सहयोगी स्टाफ ने नहीं, बल्कि खिलाड़ियों और वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भी। अब, जैसे मेरे नए होने पर मेरे साथ हुआ था, वैसे ही नए खिलाड़ियों को भी वह आजादी मिलनी चाहिए, उन्हें महसूस होना चाहिए कि वे यहां के हैं। इसलिए मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मैं वैभव या दूसरे युवा खिलाड़ियों से बात करता हूं।”
गेंदबाजों की रणनीति को पहले से समझने और अपनी तैयारी के बारे में अभिषेक ने कहा, “ऐसा नहीं है कि मैं बस जाता हूं और हिट करता हूं। मुझे पता है कि सामने विश्वस्तरीय गेंदबाज और विश्वस्तरीय टीमें हैं और वे आसानी से रन नहीं देंगे तथा आसानी से मुझे वे शॉट खेलने नहीं देंगे जो मैं खेलना चाहता हूं। लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में मुझे लगता है कि यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं सोचूं कि वे क्या सोच रहे हैं। हाल ही में मैं अपने वीडियो विश्लेषक से बात कर रहा था कि अगर आप दूसरी टीम में होते, मान लीजिए कि इस समय आप अफगानिस्तान टीम के साथ काम कर रहे होते, तो एक गेंदबाज के तौर पर मेरे खिलाफ आपकी क्या योजना होती? इसलिए मैंने उनसे पूछा और उनसे वीडियो लिए। मैं इसी तरह तैयारी करता हूं कि वे वहां गेंदबाजी नहीं करेंगे जहां मैं चाहता हूं। मुझे कुछ बदलाव करने होंगे। वे आपको आसान रन नहीं देने वाले हैं। इसलिए मैं इसी तरह खुद को तैयार करता हूं।”
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को शाम 7 बजे से खेला जाएगा।
