- नए कानून का मूल मंत्र न्याय है, दंड नहीं, मध्य प्रदेश को करेंगे नशामुक्तः अमित शाह
भोपाल, 03 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन और “न्याय संहिता” आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “न्याय संहिता” आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में मध्य प्रदेश के डेयरी सेक्टर को कई सौगातें दीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साथ ही दुग्ध संघों के सदस्यों और गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी वितरित की।
इस अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के दो स्वीकृति पत्र दिए गए।
कार्यक्रम में शाह ने 11 जिलों के करीब 35 हजार गोपालकों के सम्मेलन में गौशालाओं को 101 करोड़ रुपये प्रदान किए। इसके साथ ही उन्होंने उज्जैन में नवनिर्मित 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन किया। उन्होंने भोपाल की लखपति गोपालक दीदी शशि बाई समेत पांच लखपति दीदियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी न्याय व्यवस्था तारीख पर तारीख के तानों से जानी जाती थी, लेकिन एक डेढ़ साल के बाद अब कोई भी एफआईआर कराए उच्चतम न्यायालय तक दोषी को तीन साल में सजा दिलाने का काम होगा। अंग्रेजों के बनाए हुए कानून अपनी सरकार और प्रशासन को बचाने के लिए थे। अब जो कानून आए हैं वो भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा करने के लिए है। इसका मूल मंत्र न्याय है दंड नहीं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को नशामुक्त करेंगे। यहां हर माता से कहने आया हूं, 31 दिसंबर 2029 के बाद आपके बेटे बेटी के लिए मध्य प्रदेश में नशे की जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भोपाल में 12 करोड़ की लागत से केंद्रीय प्रयोगशाला बनाई गई है। शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट बनाया जाएगा। मैंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से 50 एकड़ भूमि मांगी थी। इन्होंने सहमति दे दी है। इसमें गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार का काम होगा। इसके बाद गौमाता बीमार नहीं होगी, ज्यादा दूध देगी और देशी नस्ल का संवर्धन होगा। सेक्स शॉर्टेड सीमन से बछड़ा नहीं होगा, बछड़ी ही आएगी। दूध का उत्पादन 50 लाख लीटर ले जाने का काम मोहन यादव सरकार करेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 50 लाख लीटर दूध का संकल्प लेने के साथ दोनों हाथ उठाकर बोलिए-भारत माता की जय। जो गौपालक आए हैं वो एमपी की श्वेत क्रांति के लिए शुभांकर संकेत है। उन्होंने कहा कि देश में टॉप-5 दुग्ध उत्पदकों वाले राज्यों में सभी भाजपा शासित हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र इन पांचों राज्यों में भाजपा की सरकार है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन वाले राज्यों में पशुपालकों के कल्याण के लिए काम नहीं होता। उनके अनुसार कांग्रेस का काम केवल रैलियां निकालना, विरोध करना और अराजकता फैलाना रह गया है।
हम श्वेत क्रांति-2 का शंखनाद कर रहेः मोहन यादव मोहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन मोहन ने कहा कि आज हम श्वेत क्रांति-2 का शंखनाद कर रहे हैं। अभी हम 12 लाख दूध का संग्रहण कर रहे हैं। ये 50 लाख लीटर होना चाहिए। हम सहकारी समितियों के माध्यम से इसे बढ़ाएंगे। डेयरी वैल्यू चेन को पारदर्शी बनाते हुए लगातार आगे बढ़ेंगे। मध्य प्रदेश में 6 करोड़ पशु धन है, लेकिन इसकी तुलना में दूध उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता के माध्यम से प्रयास करके दूध उत्पादन बढ़ाने का काम किया जा रहा है। साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ 80 लाख पशुपालकों का परिवार हमारा है। हमने अपने शासन में 16 विभागों को जोड़कर 2025 निवेश और रोजगार वर्ष का आयोजन किया। इस वर्ष को कृषि कल्याण वर्ष के तौर पर मना रहे हैं। सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव कर रहे हैं। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम करके पशुपालन बकरी पालन, मुर्गी पालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
हर ब्लॉक में होगी पशुपालकों की प्रतियोगिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर ब्लॉक में चयनित वृंदावन गांव में उन्नत पशुपालकों की पशुओं की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इनमें एक लाख का पुरस्कार प्रति ब्लॉक अच्छे पशुपालकों को दिया जाएगा। दूसरे नंबर का पुरस्कार 50 हजार और तीसरे नंबर का पुरस्कार 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। सभी 313 ब्लॉक में यह प्रतियोगिता कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि हम पशुओं के लिए चलित हॉस्पिटल चला रहे है, जिससे उनको समय पर उचित इलाज मिल सके। सभी 313 ब्लॉक में वृंदावन गांव बनाने का काम कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती के साथ प्रकृति प्रेम का अनुपम उदाहरण बनाएंगे। दूध उत्पादन में गौशालाएं पंचायत नगर निकाय की गोशाला में अपाहिज गायें रखी जाएंगी। 20 रुपया प्रति गोमाता अनुदान से बढ़कर 40 रुपये प्रति गौमाता अनुदान देंगे।
