एशियन खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाली तीसरी महिला मुक्केबाज बनी
नागोया, 02 अक्टूबर (हि.स.)। भारत की परवीन हुड्डा ने शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 की महिला 65 किलोग्राम मुक्केबाजी स्पर्धा के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही परवीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की तीसरी महिला मुक्केबाज बन गईं। उनसे पहले मैरी कॉम ने 2014 और लवलीना बोरगोहेन ने इसी टूर्नामेंट में आज 75 किग्रा वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की थी।
फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा रहा। दोनों मुक्केबाजों ने पहले राउंड में संभलकर शुरुआत की और शुरुआती क्षणों में आक्रामक होने से बचती रहीं। रेफरी की चेतावनी के बाद परवीन ने निर्णायक प्रहार करते हुए पांचों जजों से 10-9 का स्कोर हासिल किया।
पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चेन निएन-चिन ने दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की। आक्रामक अंदाज में खेलते हुए उन्होंने सभी पांचों जजों से 10-9 का स्कोर हासिल कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक तीसरे राउंड में परवीन ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और 3-2 के विभाजित फैसले से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह 2026 एशियाई खेलों में महिला 65 किलोग्राम मुक्केबाजी की नई भार श्रेणी है। परवीन ने इस वर्ग के पहले एशियाई खेल स्वर्ण पर अपना नाम दर्ज कराया।
रोहतक की परवीन का जन्म 15 अप्रैल 2000 को हुआ। वह रोहतक स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण लेती हैं और टॉप्स विकास कार्यक्रम से जुड़ी हैं। उन्होंने 2022 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य और उसी वर्ष एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। 2025 विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
