मुंबई, 01 अक्टूबर (हि.स.)। आयुष्मान खुराना ने पिछले एक दशक से ज्यादा समय में ऐसी फिल्मों को प्राथमिकता दी है, जिनमें अलग विषयों के साथ नए फिल्मकारों की सोच भी नजर आती है। अब ‘उड़ता तीर’ के साथ वह पहली फिल्म निर्देशित करने वाले या हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशक कदम रखने वाले फिल्मकारों के साथ अपनी सातवीं फिल्म पूरी करने जा रहे हैं।
इससे पहले वह ‘दम लगा के हईशा’ में शरत कटारिया, ‘शुभ मंगल सावधान’ में आर. एस. प्रसन्ना, ‘ड्रीम गर्ल’ में राज शांडिल्या, ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ में हितेश केवल्या, ‘डॉक्टर जी’ में अनुभूति कश्यप और ‘एन एक्शन हीरो’ में अनिरुद्ध अय्यर के साथ काम कर चुके हैं। इन फिल्मों की बॉक्स ऑफिस स्थिति भले अलग रही हो, लेकिन सभी में नए विषय और अलग रचनात्मक नजरिया देखने को मिला।
अपने इस नजरिए के बारे में आयुष्मान ने कहा कि उनके लिए निर्देशक का अनुभव नहीं, बल्कि कहानी और उसका विजन मायने रखता है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए स्क्रिप्ट हमेशा सबसे पहले आती है। मैं यह नहीं देखता कि कोई फिल्ममेकर अपनी पहली फिल्म डायरेक्ट कर रहा है या दसवीं फिल्म। मैं यह देखता हूं कि क्या उसके पास ऐसी कहानी और विजन है, जो मुझे उत्साहित कर सके। मेरे करियर के कुछ सबसे यादगार अनुभव नए लोगों के साथ काम करने से आए हैं। वे अपने साथ एक भूख, ताजगी और किसी जानी-पहचानी चीज को अलग नजरिए से देखने का साहस लेकर आते हैं।”
आकाश ए. कौशिक के निर्देशन में बनी ‘उड़ता तीर’ देशभक्ति और कॉमेडी के साथ जासूसी की कहानी पेश करती है। फिल्म में आयुष्मान बिलाल अहमद नाम के पाकिस्तानी जासूस की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपनी याददाश्त खोने के बाद खुद को भारतीय समझने लगता है। फिल्म के बारे में अभिनेता ने कहा कि उन्हें इसकी कहानी और आकाश की बनाई दुनिया ने आकर्षित किया। उनके मुताबिक, हर नया निर्देशक अपने साथ अलग ऊर्जा लेकर आता है। उन्होंने कहा कि ‘उड़ता तीर’ की स्क्रिप्ट एक साथ अराजक, मजेदार और भावनात्मक होने के साथ बड़े विचार से जुड़ी है। आकाश ए. कौशिक की यह पहली फीचर फिल्म है और ‘उड़ता तीर’ 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
