गुवाहाटी, 27 सितंबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि चुनाव आयोग के तीनों सदस्यों की ओर से हालिया विवाद पर स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने से पहले भी राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 90 चुनाव हार चुकी थी। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्ष उन संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, जो भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाती हैं।
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत विभिन्न मामलों में तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों से जुड़ी खबरों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि विचार-विमर्श के दौरान सदस्यों की ओर से अलग-अलग राय रखना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार एसआईआर से जुड़े फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक विवाद के बीच आई है।
रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से संबंधित कुछ मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग ने हालांकि कहा है कि ऐसी टिप्पणियों को औपचारिक असहमति नहीं माना जा सकता और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
