नई दिल्ली, 27 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जनगणना में लोगों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह प्रत्येक नागरिक की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि साल 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक आतंकवाद के खिलाफ भारत के निर्णायक रुख का प्रतीक थी और आज का भारत आतंकवाद का करारा जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम के 138वें संस्करण में कहा कि देश में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दूरदराज तथा बर्फीले इलाकों में भी जनगणना का काम जारी है। उन्होंने उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत हुई, जबकि उत्तरकाशी के बगोरी गांव में होम-स्टे संचालक हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज किया।
प्रधानमंत्री ने लोगों को जनगणना के लिए उपलब्ध स्व-पंजीकरण सुविधा का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने मोबाइल फोन से जनगणना पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा हिंदी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक 2 करोड़ 60 लाख से अधिक लोग स्वयं अपना विवरण दर्ज कर चुके हैं। यह प्रक्रिया केवल 15 से 20 मिनट में पूरी की जा सकती है और इसके लिए किसी दस्तावेज को अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। विवरण जमा करने के बाद एक विशेष पहचान संख्या जारी की जाती है, जिसे गणनाकर्मी के साथ साझा किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सटीक जनगणना किसी भी देश के भविष्य की सही तस्वीर तैयार करने का आधार होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राष्ट्रहित में इसमें सक्रिय भागीदारी करें।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की थी और पूरी दुनिया भारतीय जवानों की इस कार्रवाई को देखकर हैरान रह गई थी। सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवादी हमलों के कारण भारत ने लंबे समय तक पीड़ा झेली है। एक समय ऐसा था जब देश में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट आम बात बन गए थे। उन्होंने 13 सितंबर 2008 के दिल्ली सिलसिलेवार बम धमाकों और उसके कुछ सप्ताह बाद हुए 26 नवंबर, 2008 के मुंबई आतंकी हमले को याद करते हुए कहा कि उस दौर में आतंकवादी घटनाओं के बाद कार्रवाई की मांग तो उठती थी लेकिन अक्सर केवल समय बीतने का इंतजार किया जाता था। पिछले एक दशक में सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर बालाकोट हवाई कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि यदि आतंकवादी भारत की ओर बुरी नजर डालेंगे तो उन्हें करारा जवाब मिलेगा। आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है और इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले की 25वीं वर्षगांठ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में अमेरिकियों के बाद सबसे अधिक भारतीय नागरिकों की जान गई थी।
प्रधानमंत्री ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने समाज में रहते हुए तपस्वी की तरह जीवन जीया। राम जन्मभूमि आंदोलन को जो दिशा और ऊर्जा उन्होंने दी, उसका परिणाम आज अयोध्या में भव्य राममंदिर के रूप में दिखाई देता है। संपन्न परिवार से होने और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अशोक सिंघल ने अपना पूरा जीवन समाज और संस्कृति के लिए समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1026 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया था लेकिन भारत की पहचान और आस्था को मिटाया नहीं जा सका। उसी वर्ष गुजरात के मोढेरा स्थित सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ था। उस समय राजा भीमदेव प्रथम ने न केवल आक्रमणकारियों का सामना किया बल्कि कम समय में मंदिर का पुनर्निर्माण भी कराया। बाद के काल में अलाउद्दीन खिलजी ने भी इस मंदिर को नष्ट किया लेकिन भारतीय समाज की पुनर्निर्माण की शक्ति ने इसे जीवित रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मोढेरा केवल सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं बल्कि देश के पहले ‘सौर ग्राम’ के रूप में भी प्रसिद्ध है। पूरा गांव सौर ऊर्जा से संचालित होता है और वहां पर्यटकों के लिए कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने लोगों से मोढेरा का भ्रमण कर भारत की इस विरासत को देखने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में इतिहास और संस्कृति से जुड़े प्रयासों का जिक्र करते हुए कि तमिल अध्ययन विभाग से जुड़े ए सेल्वराजु ने छात्रों के साथ क्षेत्रीय भ्रमण कर कई प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों का पता लगाया है। इस तरह के प्रयास देश की सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वच्छता बापू को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने मध्य प्रदेश में नदी सफाई अभियान, आंध्र प्रदेश में प्राचीन बावड़ियों और कुओं के संरक्षण, मुंबई में समुद्र तटों की सफाई, दिल्ली में कचरा पृथक्करण और पश्चिम बंगाल में बाजार क्षेत्रों की सफाई जैसे अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सभी अभियानों में जनभागीदारी की भावना दिखाई देती है।
उन्होंने असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य में किए जा रहे पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण दिया, जहां अतिक्रमण हटाए जाने के बाद हाथियों की वापसी हुई है। उन्होंने पिग्मी हॉग संरक्षण कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसकी शुरुआत छह जीवों से हुई थी और अब उनकी संख्या 190 से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन क्षेत्र की उन महिलाओं की भी प्रशंसा की, जो मैंग्रोव वन विकसित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई महिलाओं ने बाघों के हमलों में अपने पति खो दिए थे लेकिन आज वे मैंग्रोव विकसित कर अपने गांवों को प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अपनी आजीविका भी चला रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया है। यह अभियान 100 सप्ताह तक चलेगा और इसमें ‘माई भारत’, राष्ट्रीय सेवा योजना, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा अनेक सामाजिक और आध्यात्मिक संगठन जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री ने पंजाब के पूर्व ओलंपियन राजिंदर सिंह का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1980 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा रहे राजिंदर सिंह आज ग्रामीण क्षेत्रों में हॉकी प्रतिभाओं की खोज और प्रशिक्षण का काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों से नए एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार हुए हैं और कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में लगभग आंवला आधारिक उद्योग की 100 प्रसंस्करण इकाइयां कार्यरत हैं। सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह और विंध्यवासिनी स्वयं सहायता समूह जैसी संस्थाओं से जुड़ी महिलाएं आंवला कैंडी, मुरब्बा, जूस, अचार और पाचन चूर्ण बना रही हैं। नए बाजार, मशीनों और ऋण सुविधाओं के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने देश में मनाए जाने वाले गणेश उत्सव का जिक्र करते हुए थाईलैंड के पंथौन थिरखानोन की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के प्रति उनकी श्रद्धा ने उन्हें चियांग माई में गणेश हिमालय संग्रहालय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। इस संग्रहालय में गणेश की 10 हजार से अधिक प्रतिमाएं हैं और वहां अष्टविनायक परंपरा का भी प्रचार-प्रसार किया जाता है। यह भारत की आस्था, कला और संस्कृति के वैश्विक प्रभाव का उदाहरण है।
