अगरतला, 19 सितंबर 2026: त्रिपुरा सरकार ने राज्य में रेत खनन के नियमन और प्रबंधन के लिए नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू की है। 1 सितंबर 2026 से रेत खनन से संबंधित प्रमुख जिम्मेदारियां वन विभाग से हटाकर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को सौंप दी गई हैं।
राज्य सरकार के निर्णय के बाद अगरतला के खेजुरबागान स्थित उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई।
नई व्यवस्था के तहत रेत खनन के लिए आवेदन, अनुमति का नवीनीकरण या विस्तार, माइनिंग प्लान की मंजूरी, माइनिंग लीज और संबंधित दस्तावेजों के निष्पादन सहित विभिन्न प्रशासनिक कार्य उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा उसके निदेशालय द्वारा देखे जाएंगे।
सरकार ने मौजूदा लीजधारकों, आवेदकों, संभावित संचालकों और रेत खनन से जुड़े अन्य हितधारकों से कहा है कि वे अब अपने कार्यों से संबंधित मामलों के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग या उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय से संपर्क करें। आवश्यक आवेदन और दस्तावेज निर्धारित नियमों, दिशानिर्देशों तथा सरकारी आदेशों के अनुसार जमा करने होंगे।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था के तहत रेत खनन से संबंधित नियमित अनुमति और मंजूरी के लिए वन विभाग सक्षम प्राधिकारी नहीं रहेगा। हालांकि, वन विभाग के वैधानिक अधिकार क्षेत्र में आने वाले विषय या राज्य सरकार द्वारा अलग से सौंपे गए कार्य उसके अधिकार क्षेत्र में ही रहेंगे।
सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से संशोधित प्रशासनिक व्यवस्था का पालन करने और सुचारू रूप से बदलाव लागू करने में सहयोग करने का आग्रह किया है।
