बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के काफिले पर हमला, बीएलए – बीआरजी ने ली कई हमलों की जिम्मेदारी

बलूचिस्तान, 14 सितंबर (हि.स.)। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लासबेला, जिवाणी, मशकेल और कच्छी इलाकों में किए गए कई ऑपरेशनों की अलग-अलग जिम्मेदारी ली है। इन दावों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के काफिले पर हमला, चार लोगों की हत्या, लिथियम खोज स्थल पर उपकरणों को नुकसान पहुंचाना और सड़कों पर नाकाबंदी शामिल है।

बलूचिस्तान की ऑनलाइन समाचार नेटवर्क ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’

ने बीएलए प्रवक्ता जियांद बलूच के हवाले से बताया कि रविवार को जारी बयान में दावा किया कि संगठन के ‘फतह स्क्वाड’ ने शनिवार सुबह लासबेला के वल्लापत इलाके में पाकिस्तानी सेना की 15 सीमांत बल बम डिस्पोजल पार्टी के काफिले को निशाना बनाया।

बीएलए के मुताबिक, हमला आइईडी विस्फोट से शुरू हुआ और इसके बाद गोलीबारी हुई। संगठन ने दावा किया कि दो सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हुए, जबकि दो अन्य को भारी नुकसान पहुंचा। बीएलए ने नौ सैनिकों के मारे जाने और 11 से अधिक के घायल होने का भी दावा किया।

हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में चार सुरक्षाकर्मी मारे गए और सात अन्य लोग घायल हुए। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में एक आम नागरिक भी शामिल है।

बीएलए ने जिवाणी में एक कथित खुफिया-आधारित ऑपरेशन में चार लोगों को मारने का दावा भी किया। संगठन ने आरोप लगाया कि मारे गए लोग पाकिस्तानी सेना और मिलिट्री इंटेलिजेंस से जुड़े थे।

बीएलए ने उनकी पहचान गुलाम मुस्तफा, सनम मसीह, कंवल शहज़ाद और दानिश इक़बाल के रूप में की और दावा किया कि वे नेशनल लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (एनएलसी) के साथ काम करते हुए खुफिया गतिविधियों में शामिल थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एक अन्य घटनाक्रम में बीएलए ने मशकेल में लिथियम की खोज करने वाली एक साइट को निशाना बनाने का दावा किया। संगठन के अनुसार, उसके सदस्यों ने चार ड्रिलिंग मशीनों और पांच वाहनों को आग लगा दी।

बीएलए ने कहा कि साइट पर मौजूद कर्मचारियों को हिरासत में लेने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। संगठन ने बलूचिस्तान में लिथियम खोज और खनन परियोजनाओं का विरोध करते हुए स्थानीय और विदेशी कंपनियों को ऐसे प्रोजेक्ट्स से दूर रहने की चेतावनी दी।

इस बीच बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलोच ने दावा किया कि संगठन के सदस्यों ने रविवार को कच्छी जिले के कई इलाकों में सड़कें जाम कीं और अचानक चेकिंग अभियान चलाए।

बीआरजी के मुताबिक, कई स्थानों पर वाहनों की तलाशी ली गई और उसके सदस्यों ने इलाके में गश्त की। संगठन ने दावा किया कि अभियान के दौरान सरकारी कर्मचारियों से उसका सामना नहीं हुआ।

बीएलए और बीआरजी ने कहा है कि बलूचिस्तान की आजादी के उनके लक्ष्य तक ऐसे अभियान जारी रहेंगे। खबर लिखे जाने तक पाकिस्तानी अधिकारियों ने बीएलए और बीआरजी के सभी दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

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