अगरतला, 11 सितंबर: लंबे समय से चले आ रहे त्रिपुरा-मिजोरम सीमा विवाद के समाधान की दिशा में दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच प्रारंभिक स्तर की चर्चा हुई है। यह जानकारी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने दी। उन्होंने बातचीत के माध्यम से लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद जताई।
सीमा विवाद के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इससे पहले मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की थी। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच वार्ता के माध्यम से लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान खोजने का प्रस्ताव रखा था। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए अगरतला आकर बातचीत करने में रुचि भी व्यक्त की थी।
हालांकि, मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने बताया कि दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले अधिकारियों के स्तर पर मामले पर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया गया था। इसी के तहत मिजोरम के अधिकारी त्रिपुरा आए और प्रारंभिक स्तर पर बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “कल मुझे बताया गया कि मिजोरम के अधिकारी आए थे। मुझे केवल इतना बताया गया है कि चर्चा हुई है।”
उन्होंने बताया कि बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई और क्या निर्णय लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उनके पास नहीं पहुंची है। संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही वह बातचीत के परिणाम के बारे में विस्तार से टिप्पणी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का समाधान बातचीत के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने आपसी समझ और चर्चा के आधार पर इस जटिल समस्या का समाधान निकलने की उम्मीद जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हालांकि, इसका समाधान जरूर निकलेगा।”
त्रिपुरा और मिजोरम के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के समाधान की दिशा में अधिकारियों के स्तर पर हुई यह प्रारंभिक चर्चा महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के स्तर पर भी इस मुद्दे पर बैठक होने की संभावना है।
