अगरतला: राज्य सरकार के प्रदर्शन को ‘माइनस जीरो’ बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआईएम नेता माणिक सरकार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा सरकार के साथ-साथ टिपरा माथा की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई आरोप लगाए। आगामी एडीसी चुनाव को देखते हुए भाजपा और टिपरा माथा के बीच राजनीतिक समझौते को लेकर भी वाम नेतृत्व ने सवाल उठाए।
माणिक सरकार ने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े भाषण दिए जा रहे हैं और सरकारी पैसे से करोड़ों रुपये खर्च कर विज्ञापन प्रकाशित किए जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों की वास्तविक स्थिति से इनका कोई मेल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रचार और जनता के वास्तविक अनुभव के बीच काफी अंतर है।
एडीसी के संचालन को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने टिपरा माथा पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि टिपरा माथा शुरुआत से ही एडीसी के संचालन में पूरी तरह विफल रहा है। हालिया चुनाव में टिपरा माथा ने 24 सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन इसके बावजूद अभी तक अपनी कार्यकारी समिति का पूरी तरह गठन नहीं कर पाया है।
उन्होंने टिपरा माथा के अंदरूनी मतभेदों को लेकर भी कटाक्ष किया। माणिक सरकार ने दावा किया कि समय बीतने के साथ यह राजनीतिक समीकरण और कमजोर होगा तथा भाजपा और टिपरा माथा के सामान्य समर्थकों के बीच भी असंतोष बढ़ रहा है।
आगामी एडीसी चुनाव से पहले भाजपा और टिपरा माथा के बीच कथित समझौते को लेकर भी वाम नेतृत्व ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि अतीत में दोनों दलों के बीच एडीसी चुनाव को लेकर राजनीतिक संघर्ष रहा है, लेकिन अब दोनों दल अपने राजनीतिक समीकरण को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप का भी दावा किया गया है।
माणिक सरकार ने कहा कि त्रिपुरा की जनता सब कुछ देख रही है और वह इतनी भोली नहीं है। उन्होंने राजनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए विभिन्न दलों के नेताओं के बीच हो रहे कथित समन्वय की भी आलोचना की।
इसके साथ ही उन्होंने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के अतीत के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित अधिकारों के बावजूद वाम मोर्चे द्वारा संचालित एडीसी ने जनता के लिए काम करने का उदाहरण पेश किया था।
वाम नेतृत्व का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में टिपरा माथा द्वारा संचालित एडीसी प्रशासन भी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल रहा है। वहीं, वाम मोर्चे के नेतृत्व वाले एडीसी के पुराने कार्यों को सामने रखते हुए इस बार भी जनता से बदलाव के लिए समर्थन देने की अपील की जा रही है।
माणिक सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि और किसानों के हितों के साथ-साथ जनजातीय लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की स्थापना के मुद्दे पर जनता से वामपंथियों के साथ खड़े होने का आह्वान किया।
वाम नेतृत्व ने आम लोगों से अपील की कि दो वक्त की रोटी, बच्चों की शिक्षा, बेहतर अस्पताल सेवाएं, सड़कों का विकास, किसानों और कृषि के हितों की रक्षा तथा जनजातीय लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के लक्ष्य के साथ आगामी एडीसी चुनाव में वामपंथियों के समर्थन में आगे आएं।
