तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत कर रही त्रिपुरा सरकार, निगरानी में 515 CCTV कैमरे

अगरतला, 31 अगस्त: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए त्रिपुरा सरकार तकनीक आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। तकनीकी निगरानी, जागरूकता अभियान और बेहतर मॉनिटरिंग के जरिए राज्य में ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने दी।

भाजपा विधायक प्रमोद रियांग के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए विभिन्न आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें स्पीड रडार गन, इंटरसेप्टर वाहन, ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और रेड-लाइट उल्लंघन का पता लगाने वाले कैमरे शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन जुर्माना वसूली के लिए ई-चालान मशीन और QR कोड आधारित व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। विभिन्न ट्रैफिक चेकपॉइंट्स को ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड रडार गन, बॉडी-वॉर्न कैमरा, वीडियो कैमरा, वायरलेस सेट, रिफ्लेक्टिव जैकेट या टेप, लाइट बार, बैटन सहित अन्य जरूरी उपकरणों से लैस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगरतला के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड के साथ स्पीड चेकिंग डिवाइस पहले ही लगाए जा चुके हैं। इनमें त्रिपुरा हाईकोर्ट के सामने, आश्रम चौमुहानी से चंद्रपुर ISBT के बीच तथा ONGC बैंक चौमुहानी से मुख्य ONGC प्रवेश द्वार तक का क्षेत्र शामिल है।

ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं। मोटर व्हीकल्स एक्ट और संबंधित नियमों की जानकारी सोशल मीडिया, डिस्प्ले स्क्रीन, फ्लेक्स बैनर, पोस्टर तथा अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

पिछले तीन वर्षों में CCTV और ई-चालान प्रणाली के जरिए सामने आए ट्रैफिक उल्लंघनों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन मामलों को इन प्रणालियों के माध्यम से सीधे आपराधिक मामलों के रूप में दर्ज नहीं किया जाता। इसके बजाय उल्लंघन के आधार पर अभियोजन रिपोर्ट तैयार की जाती है, जुर्माना लगाया जाता है और राशि वसूल की जाती है।

ट्रैफिक नियम पुलिसकर्मियों पर भी लागू होते हैं या नहीं, इस संबंध में टिपरा मोथा विधायक रंजीत देबबर्मा के पूरक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। पुलिसकर्मियों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना होगा। पुलिस या सरकारी वाहनों द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन भी स्वीकार्य नहीं है और कानून तोड़े जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

ट्रैफिक चेकपॉइंट्स को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को सड़कों पर आम लोगों को मनमाने ढंग से परेशान करने की अनुमति नहीं है। यदि उचित अनुमति के बिना कोई चेकपॉइंट या प्रवर्तन अभियान चलाया जाता है अथवा उसके कारण नियमों का उल्लंघन होता है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन को केवल चालान जारी करने की व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के जरिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर ट्रैफिक उल्लंघनों और यातायात व्यवस्था की अधिक प्रभावी निगरानी की जा रही है।

उन्होंने विधानसभा को बताया कि वर्तमान में इस व्यवस्था के तहत करीब 515 CCTV कैमरे, 22 स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, 81 रेड-लाइट उल्लंघन डिटेक्शन कैमरे, 43 ANPR कैमरे, 77 वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड और 237 GPS आधारित ट्रैफिक यूनिट काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, ANPR तकनीक के जरिए पुलिसकर्मियों को हर वाहन को सड़क पर रोककर जांच करने की आवश्यकता नहीं होगी। नंबर प्लेट की पहचान के माध्यम से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों का पता लगाया जा सकेगा। इससे सड़कों पर अनावश्यक रुकावट और लोगों को होने वाली परेशानी कम करने के साथ-साथ कानून का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

अगरतला के बाहर अन्य शहरों और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन का विस्तार करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक चालान जारी करना नहीं, बल्कि ट्रैफिक अनुशासन मजबूत करना, निगरानी बढ़ाना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Leave a Reply