अगरतला, 25 अगस्त: मोदी-शाह सरकार की नीतियों, देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई और त्रिपुरा में सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के प्रवक्ता प्रबीर चक्रवर्ती ने दावा किया कि केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और मजबूत भारत से जुड़े दावों का वास्तविक असर आम लोगों के जीवन में दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश के प्राकृतिक और सार्वजनिक संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों के हाथों में सौंपा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इससे आम नौकरी तलाशने वालों और घरेलू अर्थव्यवस्था को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा, जबकि कुछ कॉरपोरेट समूहों, भाजपा और उसके सहयोगी दलों से जुड़े राजनीतिक लोगों तथा अन्य लाभार्थियों को फायदा पहुंच रहा है।
प्रेस बयान में विदेशी कर्ज और व्यापार घाटे के आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। पार्टी के अनुसार, 29 जुलाई को जारी रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत का विदेशी कर्ज 817.74 अरब डॉलर है। वहीं, दिसंबर 2025 के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि देश का कुल कर्ज जीडीपी के करीब 83 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
पिछले छह महीनों के व्यापार घाटे को लेकर भी प्रदेश कांग्रेस ने चिंता जताई। पार्टी के अनुसार, 13 अगस्त को संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक इस अवधि में व्यापार घाटा 31.98 अरब डॉलर रहा। बयान में जुलाई महीने में 77.88 अरब डॉलर के आयात और 44.24 अरब डॉलर के निर्यात का भी उल्लेख किया गया है।
कॉरपोरेट समूहों के मुनाफे में कथित बढ़ोतरी को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए। पार्टी का दावा है कि 10 अगस्त को जारी एक अध्ययन में 2014 के बाद राजनीतिक संपर्क वाले कुछ पारिवारिक कॉरपोरेट समूहों के मुनाफे में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति सामने आई है। कांग्रेस ने देश के कुछ बड़े कारोबारी परिवारों के मुनाफे के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की।
महंगाई के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में खाद्य पदार्थों समेत 38 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खाद्य तेल, दाल, चीनी और दूध सहित विभिन्न वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ अगरतला बाजार में सब्जियों, अंडे और मछली की ऊंची कीमतों का भी बयान में उल्लेख किया गया है।
त्रिपुरा की राशन व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। पार्टी का दावा है कि खाद्य सुरक्षा कानून में संशोधन के बाद अंत्योदय और अन्य राशन कार्डों के तहत मिलने वाले चावल की मात्रा में कमी आई है। इसके कारण त्रिपुरा में सालाना करीब 22 हजार मीट्रिक टन कम चावल पहुंच रहा है, ऐसा कांग्रेस ने दावा किया।
राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महंगाई, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं और स्मार्ट सिटी के लिए आवंटित धन का उचित इस्तेमाल नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
अगरतला शहर में विभिन्न सड़कों के निर्माण और मरम्मत का उदाहरण देते हुए कांग्रेस ने सरकारी धन की कथित बर्बादी पर सवाल उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक ही सड़क को बार-बार खोदकर मरम्मत किए जाने से जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है।
इस स्थिति में प्रदेश कांग्रेस ने अनावश्यक और गैरजरूरी सरकारी खर्च रोकने तथा बजट में आवंटित करीब 750 करोड़ रुपये को विशेष मद में इस्तेमाल करने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीण किसानों, श्रमिकों और शहरी मजदूरों को उचित मजदूरी पर सरकारी काम में रोजगार देने, खाद्य पदार्थों समेत आवश्यक वस्तुओं को सब्सिडी के जरिए उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाने और खुले बाजार में बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।
