धर्मनगर, 25 अगस्त: गांजा तस्करी के एक मामले में अदालत ने दो आरोपितों को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों की पहचान दमछड़ा निवासी जयहारी लाल चकमा और पेचारथल के तालुकदारपाड़ा निवासी विकास चकमा के रूप में हुई है।
सरकारी पक्ष के अधिवक्ता ध्रुव गोस्वामी ने बताया कि 23 मार्च, 2022 की शाम दमछड़ा-खेड़ाछड़ा मार्ग के ऋषिपाड़ा नाका प्वाइंट पर नियमित वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक ऑल्टो कार को रोका था। कार की तलाशी लेने पर उसके पीछे की डिक्की से करीब 15 बंडल गांजा बरामद किया गया।
घटना के बाद दमछड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया। बाद में यह मामला विशेष अदालत में एनडीपीएस 40/2022 के रूप में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद दोनों आरोपितों को दोषी करार दिया। इसके बाद दोनों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
उत्तर त्रिपुरा जिला पुलिस ने मामले की जांच करने वाले अधिकारी इंस्पेक्टर लाजारस लालमुइडिका डारलुंग की पेशेवर कार्यशैली और जांच की सराहना की है। मामले की जांच के समय वह दमछड़ा थाने में एसआई (यूबी) के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह उनाकोटी जिला पुलिस में कार्यरत हैं।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में आरोपितों को कानून के दायरे में लाकर सजा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी अभियान और कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।
