कोलकाता, 25 अगस्त (हि. स.)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसीपी (तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद) के स्थापना दिवस के अवसर पर 28 अगस्त को संगठन के प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अदालत ने किसी भी गुट को गांधी प्रतिमा के पास मेयो रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने दोनों गुटों को अलग-अलग स्थानों पर इनडोर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी। अदालत ने प्रत्येक कार्यक्रम में अधिकतम एक हजार 500 लोगों के शामिल होने की सीमा तय की है। इससे पहले दोनों गुटों की ओर से करीब 10 हजार लोगों की उपस्थिति वाले कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
टीएमसीपी के स्थापना दिवस समारोह को लेकर दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। दोनों गुट 28 अगस्त को स्थापना दिवस समारोह आयोजित करना चाहते थे और इसके लिए मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम की अनुमति मांग रहे थे।
सुनवाई के दौरान अदालत ने संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए दोनों गुटों के बीच संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने की संभावना पर भी विचार किया। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच आम सहमति नहीं बन सकी।
सहमति नहीं बनने के बाद अदालत ने दोनों गुटों को अलग-अलग इनडोर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी। स्पष्ट किया कि मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास किसी भी गुट को कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के दौरान आयोजकों को प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से तय सभी शर्तों एवं निर्देशों का पालन करना होगा। अदालत के निर्देशों का उद्देश्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान शहर में किसी भी तरह की अशांति या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकना है।
गौरतलब है कि टीएमसीपी हर वर्ष 28 अगस्त को अपना स्थापना दिवस मनाता है। इस वर्ष एक ही स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति को लेकर संगठन के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद के चलते मामला हाई कोर्ट पहुंचा था।
