बाढ़ प्रभावित इलाकों और राहत शिविरों का मुख्यमंत्री ने किया दौरा, स्थायी समाधान का दिया भरोसा

अगरतला, 23 अगस्त: त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए दिन-रात काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री प्रोफेसर डॉ. माणिक साहा ने रविवार को कहा कि राज्य में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने राजधानी अगरतला के विवेकानंद स्कूल, बरदवाली और आश्रम चौमुहानी समेत विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों तथा राहत शिविरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और राहत व्यवस्था का जायजा लिया।

डॉ. साहा ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि खोवाई और पश्चिम त्रिपुरा जिले के कई इलाकों में अचानक पानी घुस गया है। पश्चिम जिले में बरमुड़ा पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई थी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हावड़ा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था, हालांकि अब धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है, जो राहत की बात है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बारिश भी नहीं हो रही है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर खोले गए हैं। शिविरों में भोजन के साथ बच्चों के लिए भी आवश्यक खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर तैनात हैं और जरूरत के अनुसार नावों को भी सेवा में लगाया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 17 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 413 परिवारों के कुल 1,305 लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान कैसे किया जाए, इस पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी बांधों का निर्माण किया गया है, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के सामने चुनौतियां बनी रहती हैं। सरकार अपनी ओर से हर संभव कदम उठाएगी।

डॉ. साहा ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों को भी रिजर्व में रखा गया है। पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और पार्षद भी राहत कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं। सरकार की ओर से स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने माना कि पश्चिम त्रिपुरा जिला बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राज्य सरकार के सचिव मिलिंद रामटेके, पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी डॉ. विशाल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply