इंफाल, 8 अगस्त (आईएएनएस): मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में राज्य सरकार ने शनिवार को बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और आदिवासी नेताओं ने संयुक्त रूप से राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों को तत्काल खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही सभी समुदायों के लोगों की निर्बाध आवाजाही और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और निर्दलीय विधायक हाओखोलेट किपगेन के साथ कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिला मुख्यालय का दौरा किया और विभिन्न आदिवासी समुदायों के नेताओं के साथ बैठक की।
बताया गया कि मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य में शांति स्थापना और मेल-मिलाप की जारी कोशिशों का हिस्सा है।
मणिपुर के दो महत्वपूर्ण लाइफलाइन मार्ग इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) और इम्फाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) हैं। 3 मई 2023 को राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से कानून-व्यवस्था की स्थिति और लगातार होने वाले अवरोधों के कारण NH-2 पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा है।
कांगपोकपी जिला मुख्यालय जाते समय गामगिफाई क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को सुविधाएं प्रदान कीं।
परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान खेमचंद सिंह ने मणिपुर के करीब 3,000 साल पुराने इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने 19वीं सदी के ‘सेवन इयर्स डेवास्टेशन’ को राज्य के इतिहास के सबसे दुखद अध्यायों में से एक बताते हुए कहा कि मणिपुर की सीमाएं सभी समुदायों के सामूहिक प्रयासों से बनी और सुरक्षित हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के क्षेत्र की रक्षा के लिए सभी समुदायों के लोगों ने बलिदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न समुदायों से एक-दूसरे के प्रति विश्वास और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को पहले खुद को भारतीय और उसके बाद मणिपुरी मानना चाहिए। उनके अनुसार, पूर्वोत्तर के विकास के बिना भारत का विकास पूरा नहीं हो सकता और कांगपोकपी के विकास के बिना मणिपुर का विकास भी अधूरा रहेगा।
कांगपोकपी जिला मुख्यालय अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने बाइबल की एक पंक्ति का उल्लेख कर क्षमा और मेल-मिलाप का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में जारी दोनों तरह के संघर्षों को सरकार गंभीरता से ले रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांगपोकपी जिला अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने की घोषणा की। इसके अलावा सीटी स्कैन सुविधा, मोटबुंग और टी. वाइचोंग में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा सैकुल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ नियंत्रण उपायों, नए खेल बुनियादी ढांचे, सिटी कन्वेंशन हॉल-कम-गेस्ट हाउस और एक अलग कंप्यूटरीकृत परीक्षा केंद्र के निर्माण की भी घोषणा की।
कांगपोकपी से निर्वाचित भाजपा विधायक और उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने इस दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में समान विकास पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के संपूर्ण विकास के लिए दोनों क्षेत्रों में समान प्रगति जरूरी है। उन्होंने शांति स्थापना के प्रयासों में नागरिक समाज और विभिन्न समुदायों के नेताओं से सहयोग की अपील की।
विधायक हाओखोलेट किपगेन ने कहा कि चार साल बाद सहयोगियों से मिलकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से अतीत की कड़वाहट भूलकर सामान्य जीवन की ओर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय से ही NH-2 मणिपुर के सभी समुदायों के लिए लाइफलाइन के रूप में काम करता रहा है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांगपोकपी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस यूनिट और कांगपोकपी जिला अस्पताल में जिला ब्लड स्टोरेज केंद्र का उद्घाटन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एंबुलेंस भी सौंपी गई।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY), टीबी मुक्त भारत, मिशन वात्सल्य, पीएम-किसान, पीएम सूर्य घर और पीएम-कुसुम जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ भी लाभार्थियों को वितरित किए गए। कृषि स्प्रेयर, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों और डायलिसिस मरीजों के लिए चेक तथा सौर पंप भी वितरित किए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले दो युवा खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री के साथ कई विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें आयुक्त (गृह), आयुक्त (स्वास्थ्य), विभिन्न विभागों के प्रमुख और वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अंतास खान शामिल थे।
राष्ट्रीय राजमार्गों को खोलने के इस फैसले को मणिपुर में लंबे समय से जारी गतिरोध को दूर करने, लोगों की निर्बाध आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और राज्य में शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
