वास्तविक मतदाताओं के नाम न छूटें, SIR प्रक्रिया में सतर्कता बरतने की माणिक सरकार की अपील

अगरतला, 8 अगस्त: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों, प्रशासन और निर्वाचन विभाग से सतर्क रहने की अपील पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री तथा पूर्व माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य माणिक सरकार ने की है।

माणिक सरकार ने कहा कि जिन लोगों ने पहले मतदान किया है और वर्तमान में जीवित हैं, ऐसे किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम किसी भी परिस्थिति में मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। साथ ही, जिन नागरिकों की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनके नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों से लेकर नए मतदाताओं तक किसी भी नागरिक को अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग है कि वास्तविक मतदाताओं, जिन्होंने पहले मतदान किया है और अभी जीवित हैं, उनके नाम किसी भी स्थिति में मतदाता सूची से बाहर नहीं किए जाएं। इसी तरह, जिनकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनके नाम भी सूची में शामिल किए जाएं।”

SIR प्रक्रिया को लेकर विभिन्न राज्यों में सामने आ रही चिंताओं का उल्लेख करते हुए माणिक सरकार ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय और श्रमिक वर्ग के कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ऐसे लोगों को लेकर भी चिंता है, जिन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपने हितों के लिए आवाज उठाई है। बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने अनुसूचित जाति तथा समाज के गरीब तबकों के लोगों के नाम छूटने की आशंका भी जताई।

उन्होंने SIR प्रक्रिया में शामिल सभी राजनीतिक दलों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

माणिक सरकार ने निर्वाचन विभाग की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची के संशोधन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी और नियंत्रण करने वाले निर्वाचन विभाग को अत्यंत सतर्क और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने के मामले में निर्वाचन विभाग को निष्पक्ष रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की आलोचना से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए।

इस दौरान माणिक सरकार ने नवविवाहित महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान जो नवविवाहित महिलाएं अपने ससुराल चली गई हैं, उनके नाम किसी भी स्थिति में मतदाता सूची से नहीं छूटने चाहिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नवविवाहित महिलाओं और उनके परिवारों से उचित संपर्क कर उनके जन्मस्थान, मायके के परिवार तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि उचित जांच और संवाद के माध्यम से बिना किसी बाधा या अनियमितता के इन महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए।

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