केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ‘लघु जलविद्युत विकास योजना’ को मंजूरी दे दी है। जिसकी कुल लागत लगभग 2 हजार 585 करोड़ रुपये है। इस योजना का उद्देश्य लगभग 1500 मेगावाट क्षमता की लघु जलविद्युत परियोजनाओं की स्थापना करना है। इससे लघु जलविद्युत क्षेत्र में करीब 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है, जो स्वच्छ ऊर्जा पहल को बढ़ावा देने, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायक होगा।
नई दिल्ली में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह योजना राज्यों को लगभग 200 परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य में लघु जलविद्युत परियोजनाओं की एक मजबूत श्रृंखला तैयार की जा सकेगी।
