राष्ट्रपति के भाषण में त्रिपुरा को अहमियत मिली: विकास, कनेक्टिविटी और हेल्थ सर्विसेज़ में तरक्की

अगरतला, 28 जनवरी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत के पूरे विकास के फ्रेमवर्क में अब नॉर्थ-ईस्ट इलाके को खास अहमियत मिल रही है। संसद के जॉइंट सेशन को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने नॉर्थ-ईस्ट भारत के विकास पर ज़ोर दिया। उनके भाषण में त्रिपुरा राज्य की विकास तस्वीर को खास अहमियत मिली।

राष्ट्रपति ने कहा कि अगरतला अब ब्रॉड गेज रेल कनेक्टिविटी के ज़रिए देश की मुख्य ज़मीन से ज़्यादा मज़बूती से जुड़ा हुआ है। इसके नतीजे में, त्रिपुरा में विकास की रफ़्तार बढ़ी है, साथ ही टूरिज़्म और रोज़गार के नए मौके भी बने हैं।

राष्ट्रपति के भाषण में त्रिपुरा के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी कामयाबी पर भी ज़ोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अगरतला में मांओं और बच्चों के लिए एक खास अस्पताल बनने से राज्य की हेल्थ सर्विसेज़ एक नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। इससे त्रिपुरा के आम लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को बेहतर मेडिकल सर्विसेज़ मिल पाएंगी। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि पिछले 11 सालों में नॉर्थ-ईस्ट में रेलवे के डेवलपमेंट में भारी इन्वेस्टमेंट किया गया है और त्रिपुरा की राजधानी अगरतला अब ब्रॉड गेज रेलवे लाइन से जुड़ गई है, जो राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभा रही है।

इन 11 सालों में नॉर्थ-ईस्ट में रेलवे के डेवलपमेंट में 80,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा इन्वेस्ट किए गए हैं। अभी अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिज़ोरम की राजधानियाँ ब्रॉड गेज रेलवे लाइनों से जुड़ी हुई हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों, टूरिज़्म और रोज़गार के नए रास्ते खुले हैं।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पिछला दशक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में नॉर्थ-ईस्ट के लिए एक टर्निंग पॉइंट रहा है। उन्होंने सिक्किम के अगरतला में मेडिकल कॉलेज और महिला एवं बच्चों के अस्पताल का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन कोशिशों की वजह से नॉर्थ-ईस्ट में एक मज़बूत और इंटीग्रेटेड हेल्थ सर्विस नेटवर्क बन रहा है।

राष्ट्रपति के मुताबिक, त्रिपुरा अब एक डेवलप्ड इंडिया के सपने को पूरा करने में एक अहम पार्टनर है। कनेक्टिविटी, हेल्थ सर्विस और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के ज़रिए त्रिपुरा धीरे-धीरे विकास की मेनस्ट्रीम में आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज़ादी के बाद भारत का विकास कुछ खास शहरों और इलाकों तक ही सीमित था, जिसकी वजह से देश का एक बड़ा हिस्सा और बड़ी संख्या में लोग सही मौकों से वंचित थे। हालांकि, अब वह अंतर खत्म हो गया है। कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट के ज़रिए नॉर्थ-ईस्ट अब भारत के ओवरऑल विकास का सेंटर बन रहा है।

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