भारत अब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के लिए आवश्यक : केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू

नई दिल्ली, 22 जनवरी : भारत ने पिछले एक दशक में स्‍वयं का उभरते हुए राष्‍ट्र से एक महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में वास्तविक परिवर्तन होते हुए देखा है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कल स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान यह बात कही। दोनों नेताओं ने कहा कि यह सशक्‍त विकास और व्यापक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के कारण संभव हुआ है।

श्री नायडू ने कहा कि भारत अब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के लिए आवश्यक हो चुका है और इसे केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विश्वास, विस्तार और नवाचार के संगम पर खड़ा हुआ है। यह अपने स्थिर लोकतांत्रिक संस्थानों के माध्यम से विश्वसनीयता, विविधता और आकार से लचीलापन तथा लागत-प्रभावी समाधानों के माध्यम से प्रासंगिकता प्रदान करता है।

नागर विमानन मंत्री ने कहा कि आज भारत का विकास व्यापक आधार वाला, डिजिटल रूप से सक्षम, अवसंरचना समर्थित और समावेशी है। श्री नायडू ने कहा कि डिजिटल पहचान, रीयल-टाइम भुगतान और सहमति-आधारित डेटा साझाकरण जैसी प्रणालियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक निश्चित लाभ प्रदान किया है।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को दशकों से एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में वर्णित किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान में यह भारतीय वास्तविकता को सटीक रूप से नहीं दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारा देश वैश्विक विकास, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं, लोकतांत्रिक स्थिरता और नवाचार, स्थिरता तथा समावेशी विकास के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।