नई दिल्ली, 13 जनवरी: गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत ने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखा है, जो देश के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है। उन्होंने गांधीनगर जिले के पेठापुर में गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र की बायोसेफ्टी लेवल-4 जैव-संरक्षण सुविधा का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 10 अरब डॉलर की थी, जो 2024 के अंत तक बढ़कर 166 अरब डॉलर हो गयी है। उन्होंने पिछले एक दशक में देश में जैव-स्टार्टअप, जैव-इनक्यूबेटर और पेटेंट की संख्या में हुई तीव्र वृद्धि पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि गांधीनगर जिले में आज उद्घाटित बायोसेफ्टी लेवल-4 प्रयोगशाला पुणे के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी ऐसी सुविधा होगी। यह देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करेगी।
रोगाणुरोधी प्रतिरोध-एएमआर को पूरी मानवता के सामने एक चुनौती बताते हुए, श्री शाह ने छात्रों और शोधकर्ताओं से एंटीबायोटिक दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने और संक्रमणों को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए केंद्रित शोध करने का भी आह्वान किया।
श्री शाह ने आज गांधीनगर जिले की मानसा नगरपालिका में 260 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इनमें सड़क संपर्क, सीवेज प्रबंधन और जल आपूर्ति से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने मानसा के कला तथा वाणिज्य महाविद्यालय में नवनिर्मित खेल परिसर का भी उद्घाटन किया गया।
