बलूचिस्तान सरकार का कड़ा रुख, 38 सहायक प्रोफेसर और लेक्चरर निलंबित

नई दिल्ली, 13 जनवरी: बलूचिस्‍तान में सरकारी कर्मचारी असमान कटौती भत्ता-डी.आर.ए के कार्यान्‍वयन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस कारण सड़कें जाम हुईं और गिरफ्तारियां हुईं। विभिन्‍न सरकारी विभागों के कर्मचारी पाकिस्‍तान के पंजाब और सिंध प्रांतों में स्‍वीकृत तीस प्रतिशत डी.आर.ए की मांग कर रहे हैं।

इसके जवाब में बलूचिस्‍तान की सरकार ने विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं के प्रति कड़ा रूख अपनाते हुए अब तक पचास से अधिक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इस विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले सरकारी कॉलेज के 38 सहायक प्रोफेसर और लेक्‍चरर को निलंबित कर दिया गया है। बलूचिस्‍तान ग्रैंड अलायंस ने कहा कि उसने चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किए। पहले चरण में कल सड़के जाम की गई। इसके बाद 15 जनवरी को बलूचिस्‍तान में सरकारी कार्यलयों के कार्य को पूरी तरह बंद करने की योजना है। बलूचिस्‍तान ग्रैंड अलायंस ने घोषणा की है कि अंतिम चरण का विरोध प्रदर्शन 20 जनवरी को क्‍वेटा के रेड जोन के निकट धरना प्रदर्शन के रूप में किया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्‍यान नहीं दिया जाता है तो वे जेल भरो आंदोलन की शुरूआत करेंगे।