भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स-2026 में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी: विदेश मंत्री

नई दिल्ली, 13 जनवरी: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि इस वर्ष होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्‍मेलन की भारत की अध्यक्षता के दौरान लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लोगो, थीम और वेबसाइट के लॉन्च के अवसर पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि ये प्राथमिकताएं समूह के तीन मूलभूत स्तंभों – राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक तथा वित्तीय और सांस्कृतिक तथा जन-समुदाय आदान-प्रदान – के लिए एक सुसंगत ढांचा प्रदान करेंगी।

उन्‍होंने कहा कि भारत, शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक कल्याण के लिए ब्रिक्स देशों की क्षमता को एकजुट करने का प्रयास करेगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स इस वर्ष 20 वर्ष पूरे कर रहा है, इस दौरान यह उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में लगातार विकसित हुआ है। उन्‍होंने कहा कि नवाचार वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है, और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ब्रिक्स ने अपने एजेंडे और सदस्यता का विस्तार किया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि ये मंच बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप काम कर रहा है, साथ ही जन-केंद्रित विकास, संवाद को बढ़ावा देने और व्यावहारिक सहयोग को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।