शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और ओडिया की 55 दुर्लभ साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया

नई दिल्ली, 6 जनवरी: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज देश की पांच शास्त्रीय भाषाओं – तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और ओडिया – की 55 दुर्लभ साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया। इन पुस्तकों का प्रकाशन केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान द्वारा किया गया है।

नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में श्री प्रधान ने कहा कि भारतीय भाषाएँ समाज को एकजुट करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सभी भारतीय भाषाएँ, राष्ट्रीय भाषाएँ हैं। श्री प्रधान ने बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने मराठी, तेलुगु, बंगाली, असमिया, पाली और प्राकृत को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा दिया है।

श्री प्रधान ने कहा कि विद्यालय से लेकर उच्च स्तरीय अनुसंधान तक की शिक्षा भारतीय भाषाओं में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पांचवीं कक्षा तक की शिक्षा मातृभाषा में उपलब्ध कराने के लिए पहल जारी है। श्री प्रधान ने कहा कि इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के पाठ्यक्रम भी भारतीय भाषाओं में तैयार किए गए हैं।